Kishore Kumar Birth Anniversary मोहम्मद रफी के पैर पकड़कर जब फूट-फूटकर रोए थे किशोर कुमार, जानिए ये दिलचस्प किस्सा

Khabarwala 24 News New Delhi: Kishore Kumar Birth Anniversary बॉलीवुड के दिग्गज सिंगर-एक्टर किशोर कुमार आज भी लोगों के दिल में बसे हुए हैं। उन्होंने फिल्मों के हर जॉनर में काम किया है, और सफल भी रहे. उन्होंने अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जी। बताते हैं कि किशोर दा बेहद मस्त मौला इंसान थे। एक्टिंग […]

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

Khabarwala 24 News New Delhi: Kishore Kumar Birth Anniversary बॉलीवुड के दिग्गज सिंगर-एक्टर किशोर कुमार आज भी लोगों के दिल में बसे हुए हैं। उन्होंने फिल्मों के हर जॉनर में काम किया है, और सफल भी रहे. उन्होंने अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जी। बताते हैं कि किशोर दा बेहद मस्त मौला इंसान थे। एक्टिंग के साथ उन्होंने हिन्दी सिनेमा को अपनी जादुई आवाज में कई हिट गाने भी दिए हैं। उनके जन्म दिन पर कुछ अनकहे और चहरे पर मुस्कान लाने वाले किस्से आज हम आपको बताएंगे।

किशोर कुमार की राम -राम (Kishore Kumar Birth Anniversary)

अपने मस्त मौला अंदाज के लिए फेम किशोर दा का खंडवा से बेहद गहरा रिश्ता था। खंडवा का हर इंसान उनका परिवार था। किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929में खंडवा में ही हुआ था। उन्हें अपने गांव से बहुत प्यार था। हिंदी सिनेमा के बादशाह बनने के बाद जब भी वह कहीं भी स्टेज शो करते थे, हाथ जोड़कर उनके शुरुआती शब्द होते थे ”मेरे दादा-दादियों, मेरे नाना-नानियों और मेरे भाई-बहनों तुम सबको खंडवा वाले किशोर कुमार की राम-राम।” उनका ये संबोधन हर किसी का दिल जीत लेता था।

रफी और किशोर दा के बीच नहीं थी दुश्मनी (Kishore Kumar Birth Anniversary)

मोहम्मद रफी और किशोर कुमार हिंदी सिनेमा के नायाब हीरे थे। दोनों ने ही एक से बढ़कर एक गाने फिल्मी दुनिया को दिए हैं। लेकिन फिल्मी गलियारों में अक्सर कहा जाता रहा है कि किशार दा, रफी साहब को पसंद नहीं करते थे। वहीं किशोर दा के बेटे अमित कुमार ने अपने एक इंटरव्यू में इस बात को गलत बताते हुए कहा कि र​फी और किशोर के बीच कोई दुश्मनी नहीं थी। किशोर दा, रफी साहब को बड़े भाई जैस मानते थे।

जब फूट-फूटकर रोने लगे थे किशोर दा (Kishore Kumar Birth Anniversary)

किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने खुलासा करते हुए बताया था कि 31 जुलाई 1980 का दिन किशोर दा के लिए बहुत ही भारी था। इसी दिन 55 साल की उम्र में रफी साहब का निधन हो गया था। जब किशोर दा, रफी साहब के घर पहुंचे तो उनकी बॉडी को देखकर खुद को रोक ना सके। किशोर दा ने रफी साहब के पैर पकड़े और फूट फूटकर खूब रोए। किशोर दा को संभालना बहुत मुश्किल हो गया था।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

Related News

Breaking News