कोलकाता, 10 फरवरी (khabarwala24)। पश्चिम बंगाल में हुए कोयला तस्करी मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किए गए दो कोयला व्यापारी किरण खान और चिन्मय मंडल को कोलकाता में धन शोधन निवारण अधिनियम की विशेष अदालत ने 18 फरवरी तक ईडी हिरासत में भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, चिन्मय मंडल, किरण खान का मौसा है और दोनों लंबे समय से कोयला व्यापार में शामिल रहे हैं। ईडी के जांच अधिकारियों ने पता लगाया कि ये दोनों असनसोल-जामूरिया (पश्चिम बर्धमान) के कोयला क्षेत्रों से अवैध रूप से कोयला प्राप्त कर विभिन्न छोटे कारखानों को बेच रहे थे, जो न केवल पश्चिम बंगाल में बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी संचालित हैं।
सूत्रों ने बताया कि ये अवैध कोयला दो मुख्य तरीकों से प्राप्त करते थे: पहला, कोल इंडिया लिमिटेड की विभिन्न सहायक कंपनियों द्वारा खनन किए गए कोयले को कुछ संदिग्ध अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद से अवैध रूप से प्राप्त करना और दूसरा, क्षेत्र के परित्यक्त सीआईएल कोयला खदानों से अवैध कोयला निकालना। क्षेत्र में अक्सर भूमि धंसने की घटनाएं होती हैं, जिसका मुख्य कारण यही अवैध खनन है।
अवैध कोयला खनन उनके मुख्य व्यवसाय के बावजूद, पिछले कुछ वर्षों में ये दोनों रेत खनन और रियल एस्टेट व्यवसाय में भी शामिल रहे हैं।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि दोनों को मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया, जबकि लंबी पूछताछ सोमवार दोपहर से शुरू हुई थी। बाद में उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 18 फरवरी तक ईडी हिरासत में भेज दिया।
पिछले महीने ईडी के निदेशक राहुल नविन कोलकाता आए और राज्य में उच्च-प्रोफाइल वित्तीय अनियमितताओं के मामलों की जांच में प्रगति की जानकारी मांगी, जिसमें कोयला तस्करी मामला भी शामिल था। इस दौरान असनसोल और जामूरिया में कोयला व्यापारियों के कार्यालयों और निवासों पर छापे और तलाशी अभियान भी चलाए गए, जिसमें जामूरिया में एक कोयला व्यापारी के घर से 1.50 करोड़ रुपए बरामद किए गए।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


