खबरवाला 24 न्यूज हापुड़: पिलखुवा क्षेत्र के गांव सिखेड़ा के शिव हरि मंदिर में आराम की जिंदगी जीने वाले बाबा ब्रह्मगिरि उर्फ अजय शर्मा के काले कारनामों की लिस्ट लंबी होती जा रही है।
ब्रह्मगिरि पर युवक की हत्या का भी मामला दर्ज है। राजस्थान के जिला जयपुर अंतर्गत थाना कानोटा थाना में अजय शर्मा के खिलाफ वर्ष 2001 में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। मथुरा की हाईवे थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार के बाद बाबा रूपी अपराधी का काला चिट्ठा खुलना शुरू हो गया है।
ब्रह्मगिरि उर्फ अजय शर्मा जिला के बाबूगढ़ का रहने वाले है। वर्ष 2005 में जिला मथुरा के हाईवे थानांतर्गत लूट की वारदात को अंजाम दिया था। मथुरा एसपी ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मुखबिर की सूचना पर 27 दिसंबर को 17 साल बाद पुलिस ने आरोपित को पिलखुवा थानांतर्गत गांव सिखेड़ा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपित की काली दुनिया की कहानी की परत खुलनी शुरू हो गई। मथुरा में लूट करने के बाद अजय शर्मा पिलखुवा के गांव खेड़ा में स्थित एक फैक्ट्री में नौकरी करने लगा था। इसी दौरान उसने खेड़ा स्थित सिद्ध पीठ पर जाना शुरू कर दिया और महाराज का शिष्य बन गया। इसके बाद आरोपित ने साधु का लिबास पहन लिया और अजय शर्मा से ब्रह्मगिरि महाराज बन गया।
कैसे कब्जाई बाबा की कुर्सी
गांव सिखेड़ा के शिव हरि मंदिर में सात साल पहले दूसरे पुजारी थे। खेड़ा सिद्ध पीठ के महाराज नर्वदागिरि के आशीर्वाद से ब्रह्मगिरि सिखेड़ा में पहुंचा और ग्रामीणों को बहकावे में लेकर पुजारी को हटाकर खुद मंदिर का महाराज बन गया। ग्रामीण बताते है कि वह अपने को प्रदेश सरकार में बैठे कई मंत्रियों का खासमखास बताया करता था।
बाबा के कारनामों से हर कोई दंग
मथुरा पुलिस के बाबा को लूट के मामले में गिरफ्तार करने के बाद हर कोई दंग है। गांव सिखेड़ा के अलावा जिले भर लोग अजय शर्मा से ब्रह्मगिरि महाराज बनने तक बाबा के सफर को लेकर चर्चा होती रही। किसी ने ऐसा सोचा नहीं था कि दाढी और भगवा वेषभूषा में छिपा महाराज नहीं बल्कि एक शातिर अपराधी है। जिसके सिर लूट और हत्या तक मामले दर्ज है।


