Wednesday, February 21, 2024

Aral Sea 50 साल में कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के बीच गायब हो गया एक पूरा समुद्र, सामने आई चौंकाने वाली वजह

Join whatsapp channel Join Now
Folow Google News Join Now

Khabarwala 24 News New Delhi : Aral Sea दुनिया क्लाइमेट चेंज की वजह से बढ़ते तापमान के विनाशकारी प्रभाव का अनुभव कर रही है। जनवरी 2024 लगातार दूसरा महीना है जब वैश्विक तापमान सामान्य स्तर से ऊपर रहा। वास्तव में, इससे पहली बार वैश्विक औसत तापमान 1.5 डिग्री से ऊपर चला गया। हालांकि इसके एक दशक से भी पहले दुनिया ने एक पूरे समुद्र को गायब होते देखा था। इस वॉटर बॉडी को अरल सागर कहा जाता था, जो कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के बीच एक भूमि से घिरी झील थी, जो 2010 तक काफी हद तक सूख गई थी। 68,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ अरल सागर दुनिया में इनलैंड वॉटर का चौथा बड़ा भंडार था। 1960 के दशक में सिकुड़ना शुरू हुआ जब सोवियत सिंचाई परियोजनाओं के लिए पानी देने वाली नदियों का रुख मोड़ दिया गया।

विस्तृत विश्लेषण पोस्ट किया (Aral Sea)

नासा की अर्थ ऑब्जर्वेटरी ने अरल सागर के गायब होने के कारण का विस्तृत विश्लेषण पोस्ट किया। 1960 के दशक में, सोवियत संघ ने सिंचाई के उद्देश्य से कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के शुष्क मैदानों पर एक प्रमुख जल मोड़ परियोजना शुरू की। क्षेत्र की दो प्रमुख नदियां, उत्तर में सीर दरिया और दक्षिण में अमु दरिया का इस्तेमाल रेगिस्तान को कपास और अन्य फसलों के लिए खेतों में बदलने के लिए किया गया था।

ऐसे हुआ था सागर का निर्माण (Aral Sea)

अपने चरम पर, अरल सागर उत्तर से दक्षिण तक लगभग 270 मील (435 किमी) और पूर्व से पश्चिम तक 180 मील (290 किमी) से अधिक तक फैला हुआ था, लेकिन खेतों के निर्माण के लिए नदियों के पानी को मोड़ने के बाद, पानी कम हो गया और पूरा समुद्र वाष्पित हो गया। झील के कुछ हिस्से को बचाने के आखिरी प्रयास में, कजाकिस्तान ने अरल सागर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच एक बांध बनाया, लेकिन अब जलस्रोत को उसके पूर्ण गौरव पर बहाल करना लगभग असंभव है।

यह भी पढ़ें...

latest news

Join whatsapp channel Join Now
Folow Google News Join Now

Live Cricket Score

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Live Cricket Score

Latest Articles

error: Content is protected !!