Defence Deal मेक इन इंडिया के बिना मंजूर नहीं भारत-अमेरिका डिफेंस डील, रूस ने मानी भारत की शर्त, अमेरिका को भी माननी पड़ेगी

Khabarwala 24 News New Delhi : Defence Deal स्टील्थ फाइटर जेट की खरीद को लेकर सरगर्मी तेज होने लगी है। हालांकि भारत ने इस शर्त पर कायम रहने का फैसला किया है कि विदेशी कंपनी को देश में लड़ाकू विमानों का निर्माण करना होगा। अगले कुछ माह में भारत मेक इन इंडिया की शर्त के […]

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Khabarwala 24 News New Delhi : Defence Deal स्टील्थ फाइटर जेट की खरीद को लेकर सरगर्मी तेज होने लगी है। हालांकि भारत ने इस शर्त पर कायम रहने का फैसला किया है कि विदेशी कंपनी को देश में लड़ाकू विमानों का निर्माण करना होगा। अगले कुछ माह में भारत मेक इन इंडिया की शर्त के साथ 114 बहुद्देश्यीय लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए वैश्विक निविदा जारी कर सकता है। ज्यादातर कंपनियां भारत को विमान बेचने की इच्छुक तो हैं, लेकिन भारत में निर्माण की शर्त स्वीकार नहीं कर रही थीं। अमेरिका और रूस से मिले प्रस्तावों के बाद अबतक निर्णय नहीं हो पाया।

अमेरिका ने एफ-35 बेचने का प्रस्ताव दिया (Defence Deal)

हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अमेरिका गए थे तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को अत्याधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमान एफ-35 बेचने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद रूस ने भी एसयू-57 भारत को बेचने का प्रस्ताव दिया है। कई और कंपनियां भी इस दौड़ में हैं। जैसे दसाल्ट का राफेल, साब का ग्रिपन ई, बोइंग का सुपर हार्नेट, एयरबस का यूरोफाइटर टाइफून आदि।

ट्रंप का अमेरिका में विमान उत्पादन पर जोर (Defence Deal)

अमेरिका की लाकिड मार्टिन जे-35 फाइटर प्लेन बनाती है। इसी विमान को बेचने का प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया है। सूत्रों की मानें तो यह कंपनी शायद ही भारत में विमानों के उत्पादन की शर्त स्वीकार करे, क्योंकि ट्रंप भी अमेरिका में ही विमान उत्पादन पर जोर दे रहे हैं। इधर, सूत्रों का कहना है रूस का रुख इस मामले में लचीला हो सकता है। रूस पूर्व में सुखोई की बिक्री भारत को उत्पादन की शर्त पर कर चुका है।

लगातार बढ़ती जा रही चीन की चुनौती (Defence Deal)

भारत जहां पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ विमानों की खरीद की तैयारी कर रहा है, वहीं चीन ने छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान तैयार कर लिए हैं। वह पांचवीं पीढ़ी के 40 जे-35 विमान पाकिस्तान को भी बेचने जा रहा है। ऐसे में भारत की दोहरे मोर्चे पर चुनौतियां बढ़ गई हैं। लड़ाकू विमानों की कमी से निपटने के लिए रक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली समिति इसका हल निकालेगी। भारत ने 2018 में विभिन्न कंपनियों से प्रस्ताव भी मांगे गए थे। इसके बाद कुल आठ प्रस्ताव भारत को मिले थे।

रूस के एसयू-57 की विशेषता (Defence Deal)

1. दुनिया का सबसे घातक और तेज गति से हमला करने में सक्षम।

2. इसमें एईएसए रडार सिस्टम है और यह क्रूज मिसाइल दाग सकता है।

3. लगभग 54,000 फीट की ऊंचाई पर काम कर सकता है।

4. इसकी मारक क्षमता लगभग 3,000 किलोमीटर है।

5. विमान की गति 1800 मील प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

6. डबल इंजन और सिंगल सीट से लैस है आधुनिक लड़ाकू विमान।

7. हवा में लंबी दूरी के ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम।

अमेरिकी एफ-35 की खासियत (Defence Deal)

● इसकी मारक क्षमता लगभग 2,200 किलोमीटर है।

● यह 1,200 मील प्रति घंटे की हाई स्पीड तक पहुंच सकता है।

● कॉकपिट में टच स्क्रीन, हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम का इस्तेमाल।

● चारों ओर छह इंफ्रारेड कैमरे लगे हैं।

● एफ-35 सिंगल सीट, सिंगल इंजन, सुपरसोनिक, सभी मौसम में काम करने वाला लड़ाकू विमान है।

● छह हजार से 8,100 किलो वजनी हथियार ले जाने की क्षमता।

● 50,000 फीट की ऊंचाई पर मारने में सक्षम, दुश्मन के रडार पर नहीं आएगा।

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Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

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