Indonesia लाश के साथ वर्षों रहते हैं यहां के लोग, रोज खाने को देते हैं खाना

Khabarwala 24 News New Delhi: Indonesia दुनियाभर में ज्यादातर लोग अपनों की मृत्यु के बाद या तो उनके शव को जला देते हैं या फिर उन्हें दफना देते हैं। लेकिन इसी दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनों की मृत्यु के बाद उनके शव को वर्षों तक अपने साथ रखते हैं। सबसे बड़ी […]

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Khabarwala 24 News New Delhi: Indonesia दुनियाभर में ज्यादातर लोग अपनों की मृत्यु के बाद या तो उनके शव को जला देते हैं या फिर उन्हें दफना देते हैं। लेकिन इसी दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनों की मृत्यु के बाद उनके शव को वर्षों तक अपने साथ रखते हैं। सबसे बड़ी बात की ये लोग इन शवों का ख्याल ऐसे रखते हैं जैसे किसी बीमार व्यक्ति का रखा जाता है। यहां तक कि ये लोग हर रोज उन शवों के लिए खाना भी ले जाते हैं।

जानिए कौन हैं ये लोग (Indonesia)

हम जिन लोगों की बात कर रहे हैं वो इंडोनेशिया की एक खास ट्राइब है जो सुलावेसी इलाके में तोरजा नाम की एक जगह पर रहती है। ये लोग अपने मृतकों के साथ वर्षों तक एक ही घर में रहते हैं। ऐसी परंपरा सिर्फ यहीं देखने को मिलती है। यहां तक कि अगर आप इन लोगों के घर मेहमान बन कर जाएंगे तो आपको भी उन मृतकों का हाल चाल पूछने उनके कमरे में जाना पड़ेगा।

कैसे रखते हैं घर में शव (Indonesia)

इस ट्राइब के घर में जब किसी की मृत्यु होती है तो ये लोग उसके शव को ममी के रूप में ढाल कर उसे एक लकड़ी के ताबूत में डाल कर उसे घर के लिविंग रूम में रख देते हैं। इसके बाद पूरा परिवार दिनभर में एक बार उस शव के पास जाता है और उससे उसका हालचाल पूछता है, जैसे किसी बीमार का पूछा जाता है. खासबात ये है कि इस ताबूत को बहुत सजा कर रखा जाता है। और इस शव के लिए हर तरह की व्यवस्था की जाती है। यहां के कुछ घरों में आपको 15 से 20 साल पुराने शव मिल जाएंगे जो आज भी लोगों के घरों में रखे हुए हैं।

ऐसा क्यों करते हैं (Indonesia)

ये ट्राइब आज से नहीं बल्कि सदियों से ऐसा करते आ रही है। इस ट्राइब का मानना है कि अगर घर का मुखिया मर जाए तो उसे तुरंत घर से बाहर नहीं करना चाहिए, बल्कि उसकी देखभाल एक बीमार व्यक्ति की तरह करनी चाहिए। इस ट्राइब के लोगों का मानना है कि अगर वो ऐसा नहीं करेंगे तो उनको पूर्वजों का श्राप लग जाएगा और पूरे समुदाय को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ये लोग शवों को सुरक्षित रखने के लिए लाश को फार्मलिन का इंजेक्शन देते हैं, जिससे शव सड़ता नहीं है।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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