Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-235 (NH-235) पर धनौरा क्षेत्र में सर्विस लेन निर्माण की मांग को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। वर्ष 2019 से लंबित इस महत्वपूर्ण मांग को जल्द पूरा कराने के उद्देश्य से भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मेरठ के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। वार्ता के दौरान एनएचएआई अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि अगले सप्ताह विभागीय टीम द्वारा पूरे धनौरा क्षेत्र का नए सिरे से स्थलीय सर्वे कराया जाएगा, जिसके बाद नई विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर भेजी जाएगी।
2019 से लंबित है मांग, कलेक्ट्रेट पर हुआ था प्रदर्शन (Hapur News)
धनौरा, वाझिलपुर और खड़खड़ी सहित आसपास के कई गांवों के निवासी बीते कई वर्षों से हाईवे पर सुरक्षित आवागमन के लिए सर्विस लेन की मांग कर रहे हैं। सर्विस लेन न होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को मुख्य हाईवे पर जान जोखिम में डालकर चलना पड़ता है और आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन के युवा जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी के नेतृत्व में जिला अधिकारी कार्यालय पर उग्र धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन के बाद ही एनएचएआई मेरठ के परियोजना निदेशक (पीडी) साकेत मिश्रा ने किसान प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए मेरठ बुलाया था।
पुराने प्रस्ताव रद्द, अधिकारियों ने नए एस्टीमेट का दिया आश्वासन (Hapur News)
मेरठ में एनएचएआई अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह बात सामने आई कि धनौरा सर्विस लेन को लेकर पूर्व में बनाए गए सभी प्रपोजल और बजट एस्टीमेट अब तकनीकी कारणों से निरस्त हो चुके हैं। वार्ता के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि स्थानीय सांसद अरुण गोविल द्वारा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर सर्विस लेन बनवाने का दावा धरातल पर पूरी तरह बेअसर और ‘हवा-हवाई’ साबित हुआ है। हालांकि, अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि अगले सप्ताह एनएचएआई की विशेषज्ञ टीम धनौरा क्षेत्र का मौका-मुआयना करेगी और नया प्रपोजल तैयार कर त्वरित स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्रालय को भेजा जाएगा।
प्रस्ताव पास न होने पर बड़े आंदोलन की दी चेतावनी (Hapur News)
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी ने दोटूक शब्दों में कहा कि धनौरा और आसपास के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। यदि नए सर्वे के बाद भी सर्विस लेन के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलती है और धरातल पर कार्य शुरू नहीं होता, तो भारतीय किसान यूनियन व्यापक स्तर पर आंदोलन की घोषणा करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रशासनिक या यातायात संबंधी अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी एनएचएआई विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी। इस वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल में प्रिंस त्यागी (प्रधान), अधिवक्ता पुष्पेंद्र त्यागी, विश्वास त्यागी, ललित शर्मा और हिमांशु त्यागी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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