Khabarwala24 Jhansi News: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की झांसी में हुई भीषण सड़क दुर्घटना का दिल दहला देने वाला लाइव वीडियो हादसे के 6 दिन बाद सामने आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेहद तेज रफ्तार से दौड़ती कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद कई फीट हवा में उछलकर पलटती हुई कैमरे में कैद हुई है।
डैशबोर्ड कैमरे में रिकॉर्ड हुआ भयावह हादसा (Aban Ahmed Car Accident Video)
यह दर्दनाक सड़क हादसा 6 अगस्त को झांसी जिले के पूंछ थाना क्षेत्र के अंतर्गत हाईवे पर घटित हुआ था। आबान अहमद प्रयागराज से अपने सहयोगियों के साथ झांसी जिला जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करने जा रहा था। हादसे के समय आबान की कार के ठीक पीछे चल रहे एक अन्य वाहन के डैशबोर्ड कैमरे (Dashcam) में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई थी।
वायरल वीडियो फुटेज में स्पष्ट देखा जा सकता है कि नेशनल हाईवे पर रोजाना की तरह यातायात सामान्य गति से चल रहा था। आबान की कार काफी तेज गति से आगे बढ़ रही थी कि अचानक चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। कार सड़क के किनारे से उतरकर वहीं से शुरू हो रहे कंक्रीट के डिवाइडर से सीधे जा टकराई।
पलक झपकते ही मलबे में तब्दील हुई एसयूवी (Aban Ahmed Car Accident Video)
भीषण टक्कर होते ही गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और वाहन हवा में कई फीट ऊपर उछलते हुए सड़क पर बुरी तरह पलट गया। दुर्घटना इतनी त्वरित और विनाशकारी थी कि कार में सवार किसी भी व्यक्ति को संभलने या बचाव का एक सेकेंड भी मौका नहीं मिल सका।
इस भयावह दुर्घटना में अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद और उनके निकटतम मित्र सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गाड़ी में मौजूद तीन अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पूंछ थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
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झांसी जेल में बंद भाई अली से मुलाकात की थी योजना
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अतीक अहमद के बड़े बेटे अली अहमद को पूर्व में प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में निरुद्ध रखा गया था, लेकिन प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों से उसे बाद में झांसी जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। आबान अपने दोस्तों के साथ प्रयागराज से अली से मिलने के लिए निकला था, लेकिन झांसी सीमा में प्रवेश करते ही यह हादसा हो गया।
हादसे की खबर मिलते ही कसारी-मसारी (प्रयागराज) स्थित अतीक के आवास पर मातम छा गया। फुटेज सामने आने के बाद झांसी पुलिस ने भी फोरेंसिक और तकनीकी जांच की गति तेज कर दी है। पुलिस टीम अब वीडियो फुटेज के आधार पर कार की सटीक गति, ब्रेक फेलियर या टायर फटने जैसे तकनीकी पहलुओं का बारीक विश्लेषण कर रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उमर और अली को दी थी विशेष पैरोल
आबान की असमय मृत्यु के बाद उनके बड़े भाइयों—उमर अहमद (जो लखनऊ जेल में बंद है) और अली अहमद (झांसी जेल में बंद)—ने अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मानवीय आधारों पर विचार करते हुए दोनों भाइयों की अर्जी पर सुनवाई की और उन्हें अल्पकालिक पैरोल स्वीकृत की। हालांकि, अदालत ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से कड़ी शर्तें लागू की थीं। इसके तहत दोनों को भारी पुलिस सुरक्षा घेरे में सीधे कब्रिस्तान ले जाया गया, जहां वे जनाजे की रस्मों में शामिल हुए। कोर्ट के सख्त आदेशानुसार दोनों भाइयों को मीडिया से किसी भी प्रकार की बातचीत करने या कोई सार्वजनिक बयान जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था।
पिता अतीक अहमद की कब्र के पास ही दफनाया गया
प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में कड़े पुलिस पहरे के बीच आबान अहमद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। आबान के पार्थिव शरीर को उनके पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की कब्रों के ठीक पास ही दफनाया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान जब जेल से लाए गए उमर और अली ने अपने सबसे छोटे भाई के जनाजे को कंधा दिया, तो दोनों भाई अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सके। कब्रिस्तान में मौजूद पुलिसकर्मियों और रिश्तेदारों के सामने दोनों भाई भावुक होकर रो पड़े, जिसकी तस्वीरें भी काफी चर्चा में रहीं। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद पुलिस टीमों ने उमर और अली को पुनः संबंधित जेलों के लिए रवाना कर दिया।
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