Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News हापुड़ शहर में बंदरों और कुत्तों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इस बार बंदरों के झुंड ने 85 वर्षीय एक वृद्ध महिला पर हमला कर दिया। घटना पंजाबी कॉलोनी में हुई, जहां घर के बाहर टहल रही बुजुर्ग महिला जमुना देवी को बंदरों ने घेर लिया और उनके पैर पर जोरदार हमला कर दिया। महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं।
क्या है पूरा मामला (Hapur News)
शनिवार को जमुना देवी अपने घर के बाहर सुबह की सैर कर रही थीं। जब वह कॉलोनी के पार्क के पास पहुंचीं तो अचानक बंदरों का एक बड़ा झुंड उन्हें घेर लिया। महिला कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही बंदरों ने उनका पैर पकड़ लिया और उन्हें खींचकर गिरा दिया। इससे महिला के पैर और शरीर पर गहरे जख्म हो गए।
महिला के शोर मचाने पर मोहल्ले के लोग बाहर निकले। लोगों ने किसी तरह बंदरों को भगाया और घायल वृद्धा को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू कर दिया है। परिवार और पड़ोसियों ने बताया कि महिला की हालत स्थिर है, लेकिन जख्म गहरे हैं और उन्हें काफी दर्द हो रहा है।
मोहल्ले में बढ़ता आतंक (Hapur News)
पंजाबी कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक अब बर्दाश्त की सीमा पार कर चुका है। आए दिन बंदरों के झुंड सड़कों, पार्कों और घरों के आसपास घूमते रहते हैं। वे लोगों पर हमला करते हैं, खाना छीनते हैं और बच्चों को डराते हैं।
खासतौर पर छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा खतरे में हैं। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि अब घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार कुत्ते भी बंदरों के साथ मिलकर लोगों पर भौंकते और हमला करते दिखे हैं।
पहले भी दी थी शिकायत (Hapur News)
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि सिर्फ कुछ दिन पहले 25 मार्च को उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को लिखित शिकायती पत्र दिया था। पत्र में बंदरों और कुत्तों के आतंक को खत्म करने की मांग की गई थी। उन्होंने लिखा था कि बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने तक का अधिकार छिन गया है।
लेकिन अब तक नगर पालिका की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोग अब सख्त मांग कर रहे हैं कि नगर पालिका तुरंत बंदरों को पकड़ने या उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था करे। साथ ही आवारा कुत्तों के लिए भी स्टरलाइजेशन और नियंत्रण की कार्रवाई हो।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ? (Hapur News)
बंदरों की बढ़ती संख्या अक्सर शहरों में कचरा प्रबंधन की कमी, खुला भोजन और आवास की कमी से जुड़ी होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नगर पालिका को वैज्ञानिक तरीके से बंदरों का नियंत्रण करना चाहिए, जैसे स्टरलाइजेशन, रिलोकेशन या खाने की आदत बदलने की मुहिम। सिर्फ भगाने से समस्या हल नहीं होती।
इस घटना ने पूरे हापुड़ में चर्चा छेड़ दी है। लोग अब नगर पालिका प्रशासन से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और आम नागरिकों को अपने घर के बाहर भी सुरक्षित महसूस हो।
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