यूएन महासचिव ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को बताया बेअसर, बोले- ये उनका पर्सनल प्रोजेक्ट है

न्यूयॉर्क, 21 मार्च (khabarwala24)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण तनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जाहिर की। गुटेरेस संकट के समय में मदद करने के लिए दुनिया के बहुपक्षीय संगठन के तौर पर यूएन की भूमिका का बचाव करते नजर आए।इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के लिए […]

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न्यूयॉर्क, 21 मार्च (khabarwala24)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण तनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जाहिर की। गुटेरेस संकट के समय में मदद करने के लिए दुनिया के बहुपक्षीय संगठन के तौर पर यूएन की भूमिका का बचाव करते नजर आए।

इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बोर्ड ऑफ पीस वाली पहल को बेअसर बताया। उन्होंने इस बात को माना कि वह ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस इन गाजा के साथ सक्रिय तौर पर भागीदारी दे रहे हैं।

हाल ही में ब्रूसेल्स में यूरोपीय काउंसिल की एक मीटिंग हुई, जिसका मुख्य फोकस इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी हमले और होर्मुज स्ट्रेट पर था। इस बैठक में यूएन महासचिव गुटेरेस भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मौजूदा हालात में यूएन की भूमिका पर जोर दिया।

गुटेरेस से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल के युद्ध शुरू होने के बाद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की है, तो यूएन महासचिव ने कहा- ‘नहीं’। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि उनकी बता अमेरिकी सरकार के दूसरे अधिकारी से हुई है।

होर्मुज स्ट्रेट में संकट को लेकर यूएन महासचिव ने कहा कि यूएन होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद करने के लिए तैयार है। यूएन ने 2022 में यूक्रेन के अनाज और फर्टिलाइजर के ट्रांसपोर्ट की इजाजत देने के लिए रूस और यूक्रेन के बीच ब्लैक सी में इसी तरह की डील कराने में मदद की थी।

उन्होंने कहा, “मेरा मुख्य मकसद यह देखना है कि क्या होर्मुज स्ट्रेट में पहले जैसे हालात बनाना मुमकिन है। यूएन मौजूदा हालात के बारे में खाड़ी देशों के साथ-साथ यूरोपीय काउंसिल से भी बात कर रहा है।”

बता दें, ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव, संयुक्त राष्ट्र और तुर्किए द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच कराई गई एक डील है। इस समझौते के तहत युद्ध से जूझ रहे यूक्रेन से लाखों मीट्रिक टन खाना एक्सपोर्ट करने की इजाजत दी गई। हालांकि, बाद में रूस ने इस समझौते से अपना समर्थन वापस ले लिया।

दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की स्थापना की, जिसकी शुरुआत गाजा से की गई। यूएन महासचिव ने बोर्ड ऑफ पीस को लेकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस के साथ सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है, लेकिन अकेले अमेरिकी राष्ट्रपति का अप्रोच अभी हमारे सामने मौजूद बड़ी समस्याओं का हल करने का प्रभावी तरीका नहीं है।

उन्होंने आगे कहा, “सब कुछ अब राष्ट्रपति ट्रंप का पर्सनल प्रोजेक्ट है, जिसमें हर चीज पर उनका पूरा कंट्रोल है। हमें अंतरराष्ट्रीय कानून के बारे में, संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के मूल्यों के बारे में स्पष्ट होना चाहिए। किसी भी शांति पहल के लिए यह जरूरी है।”

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