भारतीय खेल को मजबूत बनाने के लिए पूर्व खिलाड़ी कोच-मेंटोर की भूमिका में लौटें: अनुराग ठाकुर

नई दिल्ली, 14 मार्च (khabarwala24)। पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए कि पूर्व खिलाड़ियों को कोच और मेंटोर के तौर पर भारतीय खेल जगत में वापस लाया जाए। उन्होंने कहा कि अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों को सिर्फ प्रशासनिक दफ्तरी कामों में लगाकर […]

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नई दिल्ली, 14 मार्च (khabarwala24)। पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए कि पूर्व खिलाड़ियों को कोच और मेंटोर के तौर पर भारतीय खेल जगत में वापस लाया जाए। उन्होंने कहा कि अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों को सिर्फ प्रशासनिक दफ्तरी कामों में लगाकर देश एक कीमती संसाधन को बर्बाद कर रहा है।

ठाकुर ने यह बात ‘स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसजेएफआई) के स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन खेल पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया’ में आयोजित किया गया था और इसकी मेजबानी ‘दिल्ली स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट एसोसिएशन’ (डीएसजेए) ने की थी। उन्होंने कहा, “कई खिलाड़ी जिन्हें खेलों के जरिए नौकरियां मिलीं, वह अब दफ्तरों में काम कर रहे हैं, जबकि उनमें से कई कोच या मेंटोर के तौर पर फिर से खेल से जुड़ सकते हैं। इन भूमिकाओं में वह खेलों में कहीं ज्यादा योगदान दे सकते हैं।”

ठाकुर ने खिलाड़ियों के विकास के लिए डेटा-आधारित दृष्टिकोण पर भी जोर दिया, जिससे किसी खिलाड़ी के करियर के शुरुआती चरणों से ही उसकी प्रतिभा को पहचाना और निखारा जा सके। उन्होंने कहा, “हमें डेटा का विश्लेषण करने और किसी खिलाड़ी की पूरी यात्रा के लिए एक उचित ट्रैकिंग सिस्टम बनाने की जरूरत है, ताकि प्रतिभा को जल्दी पहचाना जा सके और सही सहयोग के साथ उसे तराशा जा सके।”

ठाकुर ने राज्य सरकारों से भी अपील की कि वे भारत की खेल संबंधी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा और मानव संसाधन तैयार करने की ज्यादा जिम्मेदारी उठाएं। उन्होंने कहा, “खेल मुख्य रूप से राज्यों का विषय है और अगर हम भविष्य में बेहतर नतीजे चाहते हैं, तो राज्यों को अपना बजट बढ़ाना होगा, बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा और ज्यादा कोच नियुक्त करने होंगे।”

संस्थागत जवाबदेही के मुद्दे पर, ठाकुर ने जोर देकर कहा कि नीतिगत सिफारिशों का नतीजा ठोस और मापने योग्य होना चाहिए। उन्होंने कहा, “संस्थाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमें यह मूल्यांकन करना चाहिए कि सिफारिशें किए जाने के बाद क्या हासिल हुआ है और यह आकलन करना चाहिए कि क्या हमारी प्रणालियां वास्तव में नतीजे दे रही हैं।”

डीएसजेए के अध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी ने फेडरेशन और व्यापक खेल पत्रकारिता समुदाय के लिए इस अवसर के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “यह एक गर्व का क्षण है क्योंकि एसजेएफआई अपनी गोल्डन जुबली मना रहा है। हम पूरे देश से आए खेल पत्रकारों का दिल्ली में स्वागत करते हुए बेहद प्रसन्न हैं और अनुराग ठाकुर जी के प्रति आभारी हैं कि उन्होंने इस समुदाय के साथ बातचीत की।” दिन भर चले कार्यक्रमों के दौरान खेल और कॉर्पोरेट जगत की कई जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया, जिसमें हीरो मोटोकॉर्प की शिवालिका चड्ढा मलिक, क्राफ्टन इंडिया की मनवा सुदर्शन हुन्सवाडकर, और आर्टस्मिथ की संस्थापक व सीईओ उदिता दत्ता शामिल रहे। यह सम्मान उन्हें खेल जगत के विकास में उनके योगदान के लिए दिया गया।

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