Hapur News Khabarwala 24 News Hapur: सच्चा मित्र वही है, जो अपने मित्र की परेशानी को समझे और बिन बताए मदद कर दे। परंतु आजकल स्वार्थ की मित्रता रह गई है। जब तक स्वार्थ सिद्ध नहीं होता, तब तक मित्रता रहती है उसके बाद मित्रता खत्म हो जाती है। मित्रता श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी होनी चाहिए।
उक्त प्रवचन श्री श्यामा श्याम बरसाना धाम सेवा समिति के तत्वावधान में पंडित कांति प्रसाद शर्मा की धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में संत रमेश रसिक ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कहा कि जब सुदामा जी भगवान श्री कृष्ण से मिलने द्वारिका पुरी गए तो द्वारपालों ने रोक दिया। सुदामा अपने भगवान की प्रतीक्षा करते हुए गाने लगे आओ नंदलाल तरस रहे नैना। भगवान की लीला के ही कारण सुदामा जी द्वारिका पुरी गए। सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। भजनों की धुन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर नृत्य करने लगे।
यह रहे मौजूद
इस मौके पर जगमोहन गुप्ता, सुशील गुप्ता, सभासद नितिन पाराशर पोंटी, अनिल शर्मा, मनीष गर्ग, राजू, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, सुषमा शर्मा, सूरज प्रकाश, ममता भारद्वाज, दीपक गोयल, दीपक कंसल, विनोद कुमार शर्मा, खेमचंद, छोटू, राधा रानी, जगदीश प्रसाद, बॉबी, रामअवतार गोयल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।



