रोजाना करें पूर्ण भुजंगासन, मजबूत होगी रीढ़ तो बदन दर्द से मिलेगी मुक्ति

नई दिल्ली, 21 जनवरी (khabarwala24)। योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। आज के अनियमितता के समय में तो योगासन और भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। योग एक्सपर्ट पूर्ण भुजंगासन को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं।मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा पूर्ण भुजंगासन को […]

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नई दिल्ली, 21 जनवरी (khabarwala24)। योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। आज के अनियमितता के समय में तो योगासन और भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। योग एक्सपर्ट पूर्ण भुजंगासन को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं।

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा पूर्ण भुजंगासन को एक प्रभावी आसन बताता है। यह भुजंगासन का उन्नत और गहन रूप है, जो रीढ़ की हड्डी को लचीलापन देने के साथ ही पीठ और पूरे शरीर को मजबूत बनाता है और छाती को खोलकर श्वसन क्षमता को बढ़ाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित अभ्यास से यह आसन कंधों, गर्दन और कमर की जकड़न को दूर करने में भी सहायक होता है।

पूर्ण भुजंगासन करने की विधि के बारे में मोरारजी देसाई इंस्टीट्यूट विस्तार से जानकारी देता है। एक्सपर्ट के अनुसार, पूर्ण भुजंगासन अभ्यास सावधानी के साथ करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले पेट के बल लेटें। हथेलियां कंधों के पास रखें। सांस लेते हुए छाती, गर्दन और सिर ऊपर उठाएं, कोहनियां थोड़ी मोड़ें और कंधे पीछे की ओर खींचें। इसके बाद घुटने मोड़कर पैरों के पंजे ऊपर उठाएं। सिर-गर्दन पीछे तानें और पैरों से सिर छूने की कोशिश करें। आराम से जितनी देर हो सके शरीर पर बिना दबाव डाले इस मुद्रा में रुकें। इसके बाद धीरे-धीरे वापस शवासन की स्थिति में आएं। शिथिल होकर लेटें, गहरी सांस लें और हृदय गति और सांस सामान्य होने दें।

पूर्ण भुजंगासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है, पाचन तंत्र मजबूत होता है, थायरॉइड ग्रंथि उत्तेजित होती है और तनाव में कमी आती है। यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं या पीठ दर्द की शिकायत रहती है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, गंभीर पीठ की समस्या, उच्च रक्तचाप, हर्निया या हाल ही में कोई सर्जरी हुई हो तो इस आसन से बचना चाहिए।

शुरुआती दिनों में इस आसन को धीरे-धीरे सीखना चाहिए और किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास करना बेहतर होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि योग आसनों का अभ्यास धैर्य और नियमितता के साथ करें। पूर्ण भुजंगासन जैसे उन्नत आसन शरीर की क्षमता बढ़ाते हैं, लेकिन गलत तरीके से करने पर चोट का खतरा रहता है।

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