Murren Switzerland न भीड़भाड़ की दिक्कत न गाड़ियों का शोर , ऊंचाई पर बसा एक अनोखा गांव

Khabarwala 24 News New Delhi: Murren Switzerland स्विट्जरलैंड की वादियों में एक ऐसा गांव बसा है जहां न तो गाड़ियों की आवाज है और न ही भीड़भाड़ का शोर। यहां पहुंचने के लिए पहाड़ों को चीरती हुई केबल कार से गुजरना पड़ता है और ऊपर पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे किसी और ही दुनिया […]

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Khabarwala 24 News New Delhi: Murren Switzerland स्विट्जरलैंड की वादियों में एक ऐसा गांव बसा है जहां न तो गाड़ियों की आवाज है और न ही भीड़भाड़ का शोर। यहां पहुंचने के लिए पहाड़ों को चीरती हुई केबल कार से गुजरना पड़ता है और ऊपर पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे किसी और ही दुनिया में आ गए हों। इस गांव का नाम है मुर्रेन जो एक छोटा, खूबसूरत और पूरी तरह से कार-फ्री गांव, जो अब दुनिया की सबसे खड़ी चढ़ाई वाली केबल कार से जुड़ चुका है।

हवा में झूलता सफर, केबल कार का अनोखा अनुभव

मुर्रेन तक पहुंचने का रास्ता जितना रोमांचक है उतना ही यादगार भी। सबसे पहले ट्रेन से लॉटरब्रुनेन तक का सफर, फिर वहां से फ्युनिक्युलर और अंत में एक कांच की दीवारों वाली केबल कार जो महज 4 मिनट में 775 मीटर की ऊंचाई चढ़ा देती है। रास्ते में नीचे दिखते लकड़ी के घर, बर्फ से ढके पेड़ और खड़ी चट्टानें किसी फिल्म के सीन से कम नहीं लगते।

मुर्रेन जहां जिंदगी सादगी से चलती है

यह गांव लगभग 13 वीं सदी का है और आज भी अपनी पुरानी परंपराओं को संजोए हुए है। यहां कोई सड़क नहीं, इसलिए न कोई गाड़ी। लोग एक-दूसरे को अच्छे से जानते हैं और जरूरत की चीजें गांव में ही मिल जाती हैं। पर डॉक्टर या हेयरड्रेसर से मिलने के लिए अब भी लोगों को नीचे घाटी में जाना पड़ता है। यहां की सबसे खास बात है लोगों की आपसी समझ और जुड़ाव।

खेल और रोमांच का ठिकाना

मुर्रेन भले ही छोटा हो, लेकिन ये एक बड़ा विंटर स्पोर्ट्स सेंटर भी है। 1920 के दशक में ब्रिटिश स्कियर्स ने यहां स्कीइंग की शुरुआत की थी और आज भी यहां हर साल इंटरनेशनल इंफर्नो नाम की बड़ी स्की रेस होती है। गर्मियों में ये जगह पैराग्लाइडिंग, हाइकिंग और नेचर वॉक के लिए जानी जाती है जहां झरने, फूलों से भरी ढलानें और चरती हुई भेड़ें हर कदम पर मिलती हैं।

फिल्मी अंदाज में सैर का मजा

यहां आने वाले सैलानी केवल स्की नहीं करते, बल्कि लकड़ी की स्लेज लेकर 3 किलोमीटर की मशहूर बॉब चेज स्लोप पर फिल्मी अंदाज में फिसलते हैं जिसे 1969 की जेम्स बॉन्ड फिल्म On Her Majesty’s Secret Service में दिखाया गया था। इसके अलावा होटल की बालकनी से बर्फ से ढकी Eiger, Mönch और Jungfrau चोटियों का नजारा भी देखने लायक होता है।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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