ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से अमेरिका में राजनीतिक विवाद

वाशिंगटन, 10 मार्च (khabarwala24)। अमेरिका में गैसोलीन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच वहां के डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के साथ चल रही जंग की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने व्हाइट हाउस से मांग की है कि आम लोगों को राहत देने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से […]

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

वाशिंगटन, 10 मार्च (khabarwala24)। अमेरिका में गैसोलीन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच वहां के डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के साथ चल रही जंग की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने व्हाइट हाउस से मांग की है कि आम लोगों को राहत देने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी किया जाए।

मध्य पूर्व में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें चार साल में पहली बार 100 डॉलर से ऊपर पहुंच गई हैं। एक बैरल कच्चे तेल की कीमत लगभग 120 डॉलर के करीब पहुंच गई है। इसकी वजह से पूरे अमेरिका में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं।

इंडियन अमेरिकन कांग्रेसी राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि बढ़ती कीमतें सीधे उन परिवारों पर असर डाल रही हैं जो पहले से ही रहने-खाने के खर्चों से जूझ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान के साथ जंग के कारण इलिनोइस में पिछले एक महीने में ईंधन की औसत कीमत लगभग 50 सेंट प्रति गैलन बढ़ गई है। ट्रंप भले ही इसे “बहुत छोटी कीमत” बता रहे हों, लेकिन जिन परिवारों को अपने वाहनों में पेट्रोल भरवाना पड़ता है, उनके लिए यह बड़ी समस्या बन गई है।

कृष्णमूर्ति ने यह भी कहा कि अब साफ हो गया है कि राष्ट्रपति ने बिना किसी ठोस रणनीति और बिना जंग खत्म करने की योजना के यह संघर्ष शुरू किया है। साथ ही उन्हें इस बात की भी चिंता नहीं है कि इसका असर मेहनत करने वाले अमेरिकी नागरिकों पर क्या पड़ेगा।

उन्होंने सरकार से तुरंत रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि जब यूक्रेन में युद्ध शुरू हुआ था, तब भी इसी भंडार से तेल जारी किया गया था, इसलिए इस बार ऐसा न करना समझ से परे है।

मिशिगन की कांग्रेस सदस्य हेली स्टीवंस ने भी एडमिनिस्ट्रेशन की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिकी परिवार इस लड़ाई के फाइनेंशियल नतीजे भुगत रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों की वजह से अमेरिकी परिवारों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। कभी अस्थिर व्यापार शुल्क और अब ईरान के साथ युद्ध, इन सबकी वजह से दुनिया में अस्थिरता बढ़ रही है और अमेरिका में लोगों का जीवन और महंगा होता जा रहा है।

स्टीवंस ने कहा कि अमेरिका इस युद्ध पर हर दिन लगभग एक बिलियन डॉलर खर्च कर रहा है। इसके साथ ही तेल और गैस की कीमतों में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, क्योंकि प्रशासन ने ईरान की संभावित प्रतिक्रिया का सही अंदाजा नहीं लगाया।

सीनेट डेमोक्रेटिक लीडर चक शूमर ने भी एडमिनिस्ट्रेशन से रिजर्व से तेल छोड़ने की अपील की, और चेतावनी दी कि ईरान के साथ लड़ाई की वजह से पूरे देश में एनर्जी की लागत पहले से ही तेज़ी से बढ़ रही है। शूमर ने कहा कि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार ऐसे ही आपात समय के लिए बनाया गया है। जब युद्ध या वैश्विक संकट के कारण ऊर्जा बाजार प्रभावित होते हैं, तब अमेरिका के पास दखल देने की क्षमता होती है। लेकिन ट्रंप प्रशासन ऐसा करने से इनकार कर रहा है।

ईरान के साथ संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ था। तब से अब तक ईंधन कीमत लगभग 43 सेंट प्रति गैलन बढ़कर करीब 3.41 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। सिर्फ एक हफ्ते में कीमतों में करीब 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो 2024 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से टैंकर ट्रैफिक में रुकावटों ने दुनिया भर में तेल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा काट दिया है, जिससे एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है और फ्यूल की कीमतें बढ़ गई हैं। शूमर ने कहा कि सरकार को तुरंत कदम उठाना चाहिए। उनके मुताबिक ट्रंप को अभी रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी करना चाहिए, ताकि बाजार स्थिर हो सके, कीमतें कम हों और अमेरिकी परिवारों पर पड़ रहा आर्थिक बोझ कम किया जा सके।

सीनेट डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन ने भी लड़ाई से निपटने के एडमिनिस्ट्रेशन के तरीके की आलोचना की।

डर्बिन ने कहा, “प्रेसिडेंट ट्रंप ने खुद को ‘पीस प्रेसिडेंट’ के तौर पर दिखाने की कोशिश की है, लेकिन उनके काम कुछ और ही कहानी बताते हैं। ईरान के साथ संघर्ष में उलझकर उन्होंने ईंधन की कीमतें बढ़ा दी हैं, अमेरिकियों की जानें गई हैं, और ट्रंप ने एक मुश्किल इलाके में रिस्क और अनिश्चितता पैदा कर दी है। मुझे चिंता है कि यह सब बिना किसी साफ स्ट्रेटेजी या एंड गेम के हो रहा है।”

डर्बिन ने चेतावनी दी कि युद्धों की भारी इंसानी और आर्थिक कीमत चुकानी पड़ती है।

इसी बीच, डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने भी एडमिनिस्ट्रेशन की आलोचना करते हुए कहा कि फ्यूल की बढ़ती कीमतें अमेरिकी परिवारों के सामने सबसे नया आर्थिक बोझ हैं।

समिति की प्रवक्ता केंडल विटमर ने कहा कि ट्रंप आम अमेरिकी नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानियों से कटे हुए नजर आते हैं। कामकाजी परिवार अपने बैंक खातों की आखिरी बचत तक खर्च करने को मजबूर हो रहे हैं, ताकि पेट्रोल, खाने-पीने का सामान और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related News

Breaking News