अमेरिका ने ओमान में अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का दिया आदेश

नई दिल्ली, 15 मार्च (khabarwala24)। पश्चिम एशिया में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान और अमेरिका-इजरायल की तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी हैं। इस बीच अमेरिका ने ओमान में काम कर रहे नॉन-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।अमेरिकी राज्य विभाग ने सभी गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और अपने सभी कर्मचारियों […]

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

नई दिल्ली, 15 मार्च (khabarwala24)। पश्चिम एशिया में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान और अमेरिका-इजरायल की तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी हैं। इस बीच अमेरिका ने ओमान में काम कर रहे नॉन-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।

अमेरिकी राज्य विभाग ने सभी गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और अपने सभी कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को सुरक्षा खतरों के कारण ओमान छोड़ने का आदेश दिया है।

इसके अलावा, गुरुवार को इराक में हुए रिफ्यूलिंग प्लेन क्रैश में कई अमेरिकी सैनिक मारे गए। अमेरिकी रक्षा विभाग ने उन छह सेवा कर्मचारियों की पहचान कर ली है जो मारे गए थे।

मारे गए सैनिकों की पहचान मेजर जॉन ए क्लिनर (33), कैप्टन एरियाना जी सैविनो (31), टेक्निकल सार्जेंट एश्ले बी प्रुइट (34), कैप्टन सेठ आर कोवल (38), कैप्टन कर्टिस जे एंगस्ट (30) और टेक्निकल सार्जेंट टायलर एच सिमंस (28) के तौर पर हुई है। रक्षा विभाग ने कहा है कि मामले में घटना की जांच चल रही है।

इस क्रैश से ईरान के खिलाफ युद्ध में मरने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम से कम 13 हो गई, जबकि सात अन्य लड़ाई में मारे गए। पेंटागन के अनुसार, लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें आठ गंभीर रूप से घायल हैं।

ईरान के खतम अल-अनबिया हेडक्वार्टर ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया है कि वे इलाके में हमलों के लिए ईरानी शाहेद ड्रोन, लुकास ड्रोन की कॉपी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने ये भी दावा किया कि अमेरिका-इजरायल इन हमलों का आरोप ईरानी सेना के ऊपर लगा रहे हैं।

आईआरआईबी ब्रॉडकास्टर के एक बयान में कमांड ने कहा, “इसके उदाहरण हाल के दिनों में पड़ोसी और दोस्त देशों जैसे तुर्किए, कुवैत और इराक के केंद्रों पर हुए खतरनाक हमले हैं और उसका आरोप ईरानी सेना को दिया जा रहा है।”

बयान में कहा गया है कि इस रणनीति का मकसद ईरानी सेना के “रक्षा, कानूनी और लेजिटिमेट एक्शन” को कमजोर करना और तेहरान और उसके पड़ोसियों के बीच कलह और फूट पैदा करना था।

इससे इतर कुवैती नेशनल गार्ड का कहना है कि उसने पिछले 24 घंटों में पांच ड्रोन मार गिराए हैं। इससे पहले, कुवैती अधिकारियों ने कहा था कि ड्रोन ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया, जिससे उसके रडार सिस्टम का एक हिस्सा खराब हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि दो मिसाइलों ने अहमद अल-जबर एयरबेस के आस-पास हमला किया, जिसमें तीन सैनिक घायल हो गए।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related News

Breaking News