वॉशिंगटन, 20 दिसंबर (khabarwala24)। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका की विदेश नीति में बदलाव हो रहा है, जो साफ तौर पर तय राष्ट्रीय हितों पर आधारित है।
रूबियो ने कहा कि विदेश नीति के केंद्र में यूनाइटेड स्टेट्स का राष्ट्रीय हित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि दुनिया भर की चिंताओं को नजरअंदाज किया जाए। रूबियो ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि दुनिया में क्या हो रहा है, इसकी हमें परवाह नहीं है।
रूबियो ने कहा कि संसाधन सीमित हैं। इसलिए अमेरिका और टैक्सपेयर का पैसा सिर्फ अमेरिका की विदेश नीति को आगे बढ़ाने में खर्च होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमने जिन मान्यताओं को खो दिया था, उनमें से एक हमारी विदेश नीति में राष्ट्रीय हित की धारणा थी।
रूबियो ने कहा कि प्राथमिकता तय करना जरूरी है। संसाधन सीमित हैं और उन संसाधनों और समय को प्राथमिकता तय करने की प्रक्रिया के जरिए इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि विदेशी मदद, जो चैरिटी नहीं है, यूएस टैक्सपेयर का एक काम है।
रूबियो ने यह भी कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन ने रीजनल ब्यूरो को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में वे ही हैं जो रिस्पॉन्स का सुझाव दे रहे हैं और उसे लीड कर रहे हैं।
ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने तर्क दिया कि अमेरिकी विदेश नीति संस्थान एक अलग दौर के लिए बनाए गए थे और उन्हें फिर से जांचने की जरूरत है।
राष्ट्रीय हित पर जोर ने मदद, गठबंधन और डिप्लोमेटिक जुड़ाव पर फैसलों को आकार दिया है, जिसमें इंडो-पैसिफिक, मिडिल ईस्ट और वेस्टर्न हेमिस्फेयर जैसे इलाके शामिल हैं।
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