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दैनिक रेल यात्रियों का क्यों टूटा सब्र का बांध

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खबरwala 24 न्यूज हापुड़ : बुलंदशहर से हापुड़ होते हुए नई दिल्ली की ओर जाने वाली शटल पैसेंजर ट्रेन को एक बार फिर जंक्शन पर करीब एक घंटा रोक दिया गया। काफी देर तक जब ट्रेन नहीं चली तो दैनिक यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया। यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। यात्रियों ने इसकी ट्वीट कर रेलवे बोर्ड के अधिकारियों, रेल मंत्री, पीएमओ व अन्य अधिकारियों से की है। रेलवे के स्टेशन मास्टर के रजिस्टर में अपनी शिकायत दर्ज कर आक्राेश व्यक्त किया है।

बुधवार को भी यह ट्रेन अपने निर्धारित समय पर पहुंच गई। इसके बावजूद रेलवे अधिकारियों ने काशी विश्वनाथ, सत्याग्रह ट्रेनों को इस ट्रेन के आगे निकाल दिया। परिणामस्वरूप दैनिक यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। दैनिक यात्रियों ने ट्वीट कर रेलवे बोर्ड, डीआरएम, रेल मंत्री, पीएमओ को टैग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही दैनिक यात्री राहुल त्यागी, विपिन, राजीव, टिकेंद्र कुमार, शीतल नेहरा आदि ने स्टेशन मास्टर के शिकायती रजिस्टर में भी अपनी पीड़ा को व्यक्त किया है।

क्या बोले यात्री

यात्रियों ने बताया कि आए दिन शटल को बीच रास्ते में रोककर स्पेशल और एक्सप्रेस ट्रेनों को निकाला जाता है। शटल से सफर करने वाले यात्री अपने काम पर देरी से पहुंचते हैं। कई बार रेलवे अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की मांग की गई। उसके बाद भी समस्या का हल नहीं हो पा रहा है। जब रेलवे अधिकारियों से इस बात की जानकारी की जाती है तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाते। । उनका कहना था कि जब समय से ट्रेन आ गई, तो उसे समय से चलाना चाहिए था। नौकरी पेशा लोगों को देरी होने से काफी दिक्कत होती है। लेकिन रेलवे अफसर इस ओर ध्यान देने के लिए तैयार नहीं हैं।

हजारों दैनिक यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं यात्रा

शटल जंक्शन की सबसे महत्वपूर्ण पैसेंजर ट्रेनों में से एक है। यह ट्रेन बुलंदशहर से सुबह साढ़े पांच संचालित होती है। जो हापुड़ में सुबह सवा छह बजे तक आ जाती है। करीब दस मिनट का स्टापेज होने के कारण यह ट्रेन नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाती है। इस ट्रेन से हजारों की संख्या में नौकरी पेशा, व्यापारी और अन्य यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। आए दिन एक्सप्रेस और स्पेशल ट्रेनों को निकालने के चक्कर में इस ट्रेन को जहां-जहां खड़ा कर दिया जाता है।

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