Khabarwala 24 News Hapur: उत्तर प्रदेश के हापुड़ (Hapur)जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर गांव अल्लाबख्शपुर के पास मंडी इंस्पेक्टर ने मंडी शुल्क के नाम पर एक धान से लदे ट्रक से 40 हजार रुपये की रिश्वत यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन वसूल ली। पीड़ित दिल्ली के व्यापारी की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) की धाराओं के तहत गढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि मंडी विभाग में हड़कंप मच गया है।
डीएम ने मामले की जांच कराई (Hapur)
जिलाधिकारी (डीएम) अभिषेक पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम से प्रारंभिक जांच कराई, जिसमें रिश्वत की पुष्टि हुई। डीएम के निर्देश पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयों पर सख्ती बरती जाएगी।
क्या है पूरा मामला (Hapur)
दिल्ली के नरेला निवासी व्यापारी यचित सरोही ने गढ़ कोतवाली में दी गई तहरीर में विस्तार से घटना का जिक्र किया है। 8 अक्टूबर की रात नरेला मंडी से धान से भरा एक ट्रक रामपुर के विसाली चौकानी के लिए रवाना हुआ। रास्ते में गढ़ टोल प्लाजा के पास मंडी अधिकारियों ने ट्रक को रोक लिया और धान से संबंधित कागजातों की जांच शुरू कर दी। मंडी इंस्पेक्टर गौरव चौहान ने कागजातों में ‘कमी’ बताते हुए 1.36 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की धमकी दी।
समझौता के नाम पर प्रस्ताव रखा (Hapur)
व्यापारी के अनुरोध पर इंस्पेक्टर ने ‘समझौता’ के नाम पर 98 हजार रुपये में मामला निपटाने का प्रस्ताव रखा। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने कई बार यूपीआई भुगतान कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ तकनीकी खराबी से फेल हो गए। आखिरकार, क्यूआर कोड के जरिए दो बार 20-20 हजार रुपये (कुल 40 हजार) का भुगतान करवाया गया। यचित सिरोही ने तुरंत इसकी शिकायत डीएम अभिषेक पांडेय से की, जो उन्होंने गंभीरता से लिया।
डीएम की त्वरित कराई जांच (Hapur)
डीएम के निर्देश पर एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर श्रीराम ने फौरन जांच शुरू की। जांच में यूपीआई ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड से साबित हो गया कि इंस्पेक्टर ने दो बार 40 हजार रुपये वसूले। डीएम पांडेय ने इसे भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला बताते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। गढ़ कोतवाली में भ्रष्टाचार से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज बालियान ने बताया,आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
आरोपी का प्रोफाइल (Hapur)
आरोपी मंडी इंस्पेक्टर गौरव चौहान ने वर्ष 2016 में आश्रित कोटे से मंडी विभाग में सेवा जॉइन की थी। वर्तमान में वह हापुड़ मंडी के सरकारी आवास में रह रहा है। लेकिन यह घटना उसके करियर पर सवालिया निशान लगा सकती है। विभागीय जांच में उसके पिछले रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
प्रशासन का संकल्प (Hapur)
जिला प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। डीएम अभिषेक पांडेय ने चेतावनी दी, “सरकारी अमले में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। व्यापारियों की सुविधा के लिए मंडी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया जा रहा है।” हाल ही में यूपी में मंडी अधिकारियों के खिलाफ कई रिश्वत मामले सामने आए हैं, जिनमें वाराणसी और गाजियाबाद जैसे जिलों में एक्शन लिया गया। इस घटना से मंडी विभाग में सतर्कता बढ़ गई है।


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