Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में हुए चर्चित गौरव त्यागी हत्याकांड ने पुलिस प्रशासन से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल पैदा कर दी है। जमीनी विवाद की पैरवी कर रहे एक युवक की दिनदहाड़े निर्मम हत्या के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। इस मामले में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आने के बाद मेरठ रेंज के डीआईजी (DIG) कलानिधि नैथानी ने कड़ा रुख अपनाया है। डीआईजी के आदेश पर थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के चौकी प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश तेज कर दी है और उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, विभागीय जांच शुरू (Hapur News)
गौरव त्यागी की हत्या के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बाबूगढ़ थाना प्रभारी (SO) से लेकर बीट कांस्टेबल तक की भूमिका की विभागीय जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। जांच अधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) विनीत भटनागर ने शुरुआती जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए कुचेसर चौपला चौकी इंचार्ज ओमकार गंगवार, पूर्व चौकी इंचार्ज नीरज कुमार, हेड कांस्टेबल शाहिद और कांस्टेबल इकराम को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
इस विभागीय जांच के दायरे में बाबूगढ़ थाना प्रभारी, वर्तमान व पूर्व चौकी प्रभारी, संबंधित हल्का इंचार्ज, बीट कर्मचारी और एलआईयू (LIU) कर्मी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

हमले से लेकर अस्पताल तक: क्या है पूरा मामला? (Hapur News)
बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर आजमपुर निवासी फतेह सिंह का इकलौता पुत्र गौरव त्यागी वर्ष 2021 में हुए एक जमीनी विवाद के मुकदमे की पैरवी कर रहा था। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को वह अपने गांव से कचहरी में अपने अधिवक्ता से मिलने के लिए निकल रहा था।
जब गौरव गांव ददायरा से हापुड़ के बीच स्थित गांव धनौरा के पास पहुंचा, तो एक कार में सवार सात लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि गौरव संभल पाता, आरोपियों ने उस पर हथौड़ों और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में गौरव बेहद गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत चिंताजनक होने के कारण उसे मेरठ के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान गौरव त्यागी की मौत हो गई।

दो आरोपी गिरफ्तार, 5 फरार आरोपियों पर इनाम घोषित
हत्याकांड के बाद मृतक के परिजनों की तहरीर पर सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक (SP) कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात दो आरोपियों—राजवीर और जयपाल (निवासी ग्राम मोहम्मदपुर आजमपुर)—को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, घटना में शामिल पांच अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। एसपी ने फरार पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया है। पुलिस की तीनों टीमें गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ और आसपास के जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि बाकी बचे आरोपियों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
राजनीतिक सुगबुगाहट और बुलडोजर कार्रवाई की मांग (Hapur News)
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हरेंद्र तेवतिया ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, गौतमबुद्धनगर से पहुंचे समाज के प्रतिनिधियों ने इस हत्याकांड पर गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने मांग की है कि इस निर्मम वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जानी चाहिए और आरोपियों का एनकाउंटर किया जाना चाहिए ताकि समाज में अपराधियों के बीच कानून का खौफ कायम हो सके।
शस्त्र लाइसेंस की गुहार: हाई कोर्ट तक गया था गौरव (Hapur News)
इस पूरे मामले में प्रशासनिक व्यवस्था पर एक और बड़ा सवाल खड़ा होता है। गौरव त्यागी को अपनी जान का खतरा लगातार बना हुआ था। जमीनी रंजिश के चलते उसने वर्ष 2023 में ही अपनी सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस का आवेदन किया था। गौरव ने लाइसेंस पाने के लिए जिला मुख्यालय, मंडलायुक्त कार्यालय से लेकर उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) तक का दरवाजा खटखटाया था।
गौरव की याचिका के बावजूद उसे शस्त्र लाइसेंस निर्गत नहीं हो सका। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों का भावुक होकर कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते उसे शस्त्र लाइसेंस प्रदान कर देता, तो शायद गौरव आत्मरक्षार्थ मुकाबला कर पाता और उसकी जान बच सकती थी।
पीड़ित पिता का दर्द: “जैसे मेरे बेटे को मारा, वैसे ही मिले सजा” (Hapur News)
अपने इकलौते बेटे को खो चुके फतेह सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बिलखते हुए न्याय की गुहार लगाई है। फतेह सिंह ने कहा, “जिस निर्ममता से मेरे बेटे को मारा गया है, आरोपियों को भी वैसी ही सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। मेरे बेटे के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। सरकार को इन मासूम बच्चों के भविष्य के लिए आर्थिक मदद देनी चाहिए।”
पिता ने भावुक होकर कहा कि जब बेटे ने जान के खतरे का हवाला देकर लाइसेंस मांगा था, तब अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब सब कुछ खत्म हो जाने के बाद आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाकर न्याय किया जाए।
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