2025 Makar Sankranti मकर संक्रांति पर होती है शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत, भगवान सूर्य का मिलेगा आशीर्वाद

Khabarwala 24 News New Delhi : Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति को देश के सभी लोग अलग-अलग तरीके से मनाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन ग्रहों के राजा सूर्य धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि में आते हैं। इस दिन से ही शुभ और मांगलिक कार्यों की […]

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Khabarwala 24 News New Delhi : Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति को देश के सभी लोग अलग-अलग तरीके से मनाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन ग्रहों के राजा सूर्य धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि में आते हैं। इस दिन से ही शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है।

सूर्य और शनि का संबंध मकर संक्रांति के पर्व से होने के कारण काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह पर्व दान-पुण्य के लिए बहुत शुभ दिन माना जाता है। यह त्योहार 14 जनवरी 2025 को है। इस दिन तिल के दान का अधिक महत्व बताया गया है और चावल, दाल, खिचड़ी और गुड़ का भी दान करना अतिफलदायी माना जाता है।

मकर संक्रांति पर करें ये उपाय (2025 Makar Sankranti)

1. तिल के पानी का स्नान (2025 Makar Sankranti)

मकर संक्रांति के दिन स्नान करने के पानी में काले तिल डालें। तिल के पानी से स्नान करना बेहद ही शुभ माना जाता है। साथ ही ऐसा करने वाले व्यक्ति को रोग से मुक्ति मिलती है।

2. सूर्य देव को जल अर्पित (2025 Makar Sankranti)

मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें और सूर्य देव को चढ़ाए जाने वाले जल में तिल अवश्य डालें। ऐसा करने से इंसान की बंद किस्मत के दरवाजे खुलते हैं।

3. खिचड़ी और तिल दान (2025 Makar Sankranti)

इस दिन कंबल, गर्म कपड़े, घी, दाल चावल की खिचड़ी और तिल का दान करने से गलती से भी हुए पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख समृद्धि आती है।

4. तिल से पितरों की शांति (2025 Makar Sankranti)

पितरों की शांति के लिए इस दिन उन्हें जल देते समय उसमें तिल अवश्य डालें। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

मकर संक्रांति पूजन विधि (2025 Makar Sankranti)

इस दिन पूजा करने के लिए सूर्योदय से पहले उठकर साफ सफाई कर लें। इसके बाद यदि संभव हो तो आसपास किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि ऐसा करना संभव न हो तो घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें। यदि आप व्रत रखना चाहते हैं तो इस दिन व्रत का संकल्प लें। इस दिन पीले वस्त्र पहनें क्योंकि इस दिन पीले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है और फिर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इसके बाद सूर्य चालीसा पढ़ें और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ जरूर करें। अंत में आरती करें।

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Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

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