संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर बोले दिलीप घोष- ‘नागरिकों को राष्ट्रीय हित में जीना चाहिए’

पश्चिम मेदिनीपुर, 13 दिसंबर (khabarwala24)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के नेता दिलीप घोष ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि नागरिकों को राष्ट्रीय हित में जीना चाहिए और राष्ट्र सर्वप्रथम होना चाहिए।संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को वीर सावरकर को देशभक्ति के […]

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पश्चिम मेदिनीपुर, 13 दिसंबर (khabarwala24)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के नेता दिलीप घोष ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि नागरिकों को राष्ट्रीय हित में जीना चाहिए और राष्ट्र सर्वप्रथम होना चाहिए।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को वीर सावरकर को देशभक्ति के लिए याद करते हुए देशवासियों से कहा कि अब राष्ट्र के लिए जीने का समय है।

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इस पर शनिवार को khabarwala24 से बातचीत में भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा, “सरसंघचालक बार-बार देशवासियों को ‘राष्ट्र सर्वप्रथम’ की याद दिलाते हैं। नागरिकों को राष्ट्रीय हित में जीना चाहिए। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर खुद सरसंघचालक मोहन भागवत लोगों को जागरुक करने का काम कर रहे हैं। इससे पूरे देश में सकारात्मक माहौल बनेगा और एक मजबूत व ‘विकसित राष्ट्र’ के निर्माण में मदद मिलेगी।”

इसी बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दिलीप घोष ने कहा, “ममता बनर्जी हमेशा धमकाती रहती हैं। उनकी धमकी के कारण कई बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) आत्महत्या कर रहे हैं। ममता बनर्जी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को धमकाती हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “अभी तक तकरीबन 58 लाख फर्जी मतदाताओं को सूची से हटाया जा चुका है। फाइनल सूची में लगभग इतने और फर्जी मतदाताओं के नाम हटेंगे। इसी से ममता बनर्जी डरी हुई हैं और दूसरों को भी डरा रही हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल के लोग जागरुक हैं। सत्तापक्ष की तरफ से भ्रमित करने के बावजूद लोगों ने फॉर्म जमा किए हैं।”

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संसद परिसर में कथित तौर पर टीएमसी सांसद के ‘ई-सिगरेट’ पीने वाले विवाद पर दिलीप घोष ने कहा, “ये तृणमूल की संस्कृति है। संवैधानिक पदों पर रहे लोगों का अपमान करना, हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग का सम्मान न करना, कानून के खिलाफ काम करना। एक सांसद इस तरह कैसे व्यवहार कर सकता है? पश्चिम बंगाल में ये संस्कृति भ्रष्ट हो चुकी है और ये पूरे देश को नुकसान पहुंचा रही है। इनकी भाषा और व्यवहार अत्यंत निंदनीय है।”

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