ग्वालियर 14 जनवरी (khabarwala24)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पानीपत शौर्य दिवस के अवसर पर मराठा साम्राज्य के सेनानायक महाराज महादजी सिंधिया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सिंधिया राजवंश साम्राज्य विस्तार नहीं अपितु राष्ट्र के स्वाभिमान की रक्षा के लिए लड़ा था।
ग्वालियर के अचलेश्वर चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में पुष्पांजलि अर्पित कर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पानीपत के तृतीय युद्ध में प्राण न्योछावर करने वाले मराठा वीरों को नमन किया।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि पानीपत शौर्य दिवस राष्ट्रबोध, त्याग और अदम्य साहस की जीवंत चेतना है। 14 जनवरी 1761 की तिथि भारतीय इतिहास का वह निर्णायक क्षण है, जब मराठा वीरों ने किसी सत्ता या साम्राज्य विस्तार के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए युद्ध लड़ा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने कहा कि आज का भारत ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर भारत सहित सभी मूल्य उसी एकता और त्याग की नींव पर खड़े हैं, जिसकी प्रेरणा पानीपत हमें देता है। इतिहास केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण के लिए पढ़ा जाना चाहिए।
सिंधिया ने कहा कि उन्हें गर्व है कि सिंधिया वंश ने छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज के स्वप्न को साकार करने के लिए सदैव राष्ट्रहित में बलिदान दिया। पानीपत के युद्ध में उनके परिवार के 16 पूर्वजों का योगदान रहा, जिनका शौर्य और त्याग आज भी राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल है।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ग्वालियर में बन रहे शौर्य स्मारक का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि इस भव्य स्मारक में अतीत की गौरव गाथाओं के साथ भविष्य की आकांक्षाओं की झलक भी दिखनी चाहिए।
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