नई दिल्ली, 29 दिसंबर (khabarwala24)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने सोमवार को हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण का मूल्यांकन करना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कार्यान्वयन को मजबूत करना और केंद्र-राज्य तालमेल को और सुदृढ़ बनाना था।
बैठक में नड्डा ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने, रोगी-केंद्रित देखभाल सुनिश्चित करने, नियामक पर्यवेक्षण बढ़ाने और टीबी (तपेदिक) को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन में निरंतर मॉनिटरिंग अत्यंत आवश्यक है। मंत्री ने अधिकारियों से बेहतर रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को संस्थागत बनाने और मरीजों की संतुष्टि, अनुपालन और निगरानी में सुधार लाने का आह्वान किया।
फ्री दवा और फ्री डायग्नोस्टिक्स योजनाओं पर चर्चा करते हुए नड्डा ने मजबूत सप्लाई चेन और प्रभावी निगरानी व्यवस्था पर बल दिया। उन्होंने डायग्नोस्टिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि समय पर और उच्च गुणवत्ता वाली जांच प्रभावी स्वास्थ्य सेवा का आधार है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन में पेशेवर प्रबंधन, ब्लड बैंकों, अस्पताल सिस्टम और सुरक्षा मानकों पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता बताई।
मंत्री ने राज्य के हर जिला अस्पताल में ‘अमृत’ रिटेल फार्मेसी स्थापित करने का निर्देश दिया। इन फार्मेसियों में ब्रांडेड दवाओं पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के साथ मिलकर इस कार्य को तेज करने का आह्वान किया गया। इससे मरीजों को सस्ती और विश्वसनीय दवाएं उपलब्ध होंगी।
टेक्नोलॉजी-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर देते हुए नड्डा ने टेलीमेडिसिन को दूरदराज एवं कम सुविधा वाले क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने हरियाणा द्वारा टेलीमेडिसिन को अपनाने की सराहना की और इसे नियमित सेवा में गहराई से एकीकृत करने की सलाह दी।
टीबी मुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए मंत्री ने स्क्रीनिंग, डायग्नोस्टिक्स, इलाज अनुपालन और पोषण सहायता पर अधिक ध्यान देने की बात कही। उन्होंने एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे यूनिट्स और ब्लॉक स्तर पर ‘नाट’ मशीनों के माध्यम से जल्दी पता लगाने की व्यवस्था की जानकारी दी। हरियाणा में 350 से अधिक माई भारत वॉलंटियर्स नी-क्षय मित्र पहल में शामिल होकर टीबी मरीजों को मनोवैज्ञानिक-सामाजिक सहायता प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने विधायकों के लिए संवेदीकरण कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया ताकि जिला परिषदों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय बढ़े। जन भागीदारी को स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
उन्होंने एनएचएम हस्तक्षेपों, पीपीपी मॉडल, मेडिकल शिक्षा विस्तार और बुनियादी ढांचे के माध्यम से हरियाणा को केंद्र का समर्थन दोहराया और कहा कि अन्य राज्यों के साथ भी इसी तरह की बैठकें आयोजित की जाएंगी, जैसा कि पिछले हफ्ते मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ किया गया।
बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुन्या सलिला श्रीवास्तव, डीसीजीआई डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और हरियाणा से अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, आयुक्त मनोज कुमार आदि उपस्थित थे।
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