अमेठी, 17 जनवरी (khabarwala24)। अमेठी को जिला बने करीब 15 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन इतने लंबे समय के बाद अब जाकर यहां दीवानी न्यायालय बनने की औपचारिक शुरुआत हुई है। शनिवार का दिन अमेठी के लिए ऐतिहासिक रहा, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सीजेआई सूर्यकांत ने चंदौली से वर्चुअल माध्यम से अमेठी दीवानी न्यायालय का शिलान्यास किया।
अब तक अमेठी में दीवानी न्यायालय नहीं होने की वजह से यहां के लोगों को अपने मुकदमे के लिए या तो सुल्तानपुर जाना पड़ता था या फिर रायबरेली। इससे समय बर्बाद होता था और आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ती थी। कई बार तारीख पर तारीख पड़ने से आम आदमी परेशान हो जाता था, लेकिन अब दीवानी न्यायालय बनने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है और उन्हें अपने ही जिले में न्याय मिल सकेगा।
गौरीगंज तहसील के एनआईसी में शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिला जज राम मिलन सिंह, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सीजेआई सूर्यकांत ने अमेठी के साथ-साथ प्रदेश के पांच अन्य जिलों चंदौली, महोबा, शामली, हाथरस और औरैया में भी दीवानी न्यायालयों के निर्माण का शिलान्यास किया।
अमेठी का दीवानी न्यायालय कलेक्ट्रेट परिसर के पास जामो रोड स्थित विशुनदासपुर गांव में बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 220 करोड़ रुपए की लागत आएगी। शासन की ओर से पहले चरण में 55 करोड़ रुपए की धनराशि जारी कर दी गई है। दीवानी न्यायालय लगभग 60 एकड़ जमीन में बनेगा। इसके लिए पहले ही बाउंड्री वॉल का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
यह दीवानी न्यायालय पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां अधिवक्ताओं के लिए अलग से चैंबर, कैंटीन, पार्किंग, रिकॉर्ड रूम, कोर्ट रूम और अन्य जरूरी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। यह एक इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स होगा, जिससे न्यायिक कार्य और अधिक सुचारू तरीके से किया जा सकेगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग अयोध्या को सौंपी गई है।
अमेठी के जिला जज राम मिलन सिंह ने कहा कि यह कोर्ट कॉम्प्लेक्स बहुत ही सुंदर और आधुनिक बनेगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का वर्षों का संघर्ष अब सफल हुआ है। इस कोर्ट के बन जाने से जनता को सस्ता, शीघ्र और सुलभ न्याय मिलेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि तय समय के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट और शासन की ओर से गाइडलाइंस जारी की जा चुकी हैं और 18 महीने में काम पूरा होना है। बजट भी निर्माण एजेंसी को उपलब्ध करा दिया गया है।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने इस अवसर पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह अमेठी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे न सिर्फ वादकारियों और अधिवक्ताओं को सुविधा होगी, बल्कि जनपद मुख्यालय का स्वरूप भी बदलेगा।
डीएम ने बताया कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स एक नई और बेहतर सोच है। उन्होंने यह भी कहा कि सीजेआई ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की इस पहल की सराहना की और कहा कि अन्य राज्यों को भी इस मॉडल को अपनाना चाहिए। डीएम ने कहा कि अमेठी में आज एक नई और विशिष्ट शुरुआत हुई है, जिससे आने वाले समय में जिले को न्यायिक क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
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