Hapur News: राजस्थान के बाद अब हापुड़ के स्कूल में हादसा! क्लासरूम की जर्जर छत का प्लास्टर गिरने से 2 बच्चे घायल

Khabarwala24 News Hapur News: शनिवार को उत्तर प्रदेश हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र में एक दिल दहलाने वाला हादसा हुआ। भमैड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके मलबे में दो मासूम छात्र घायल हो गए। इस हादसे ने न केवल स्कूल की जर्जर हालत को उजागर […]

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Khabarwala24 News Hapur News: शनिवार को उत्तर प्रदेश हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र में एक दिल दहलाने वाला हादसा हुआ। भमैड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके मलबे में दो मासूम छात्र घायल हो गए। इस हादसे ने न केवल स्कूल की जर्जर हालत को उजागर किया, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है, जो स्कूल की बदहाल इमारत को लेकर लंबे समय से शिकायत करते आ रहे हैं।

स्कूल में मची चीख-पुकार (Hapur News)

भमैड़ा के इस सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कुल 188 बच्चे पढ़ते हैं। कक्षा पांच में 53 छात्र नामांकित हैं, और जिस समय हादसा हुआ, उस समय कक्षा में 31 बच्चे मौजूद थे। सुबह के समय, जब शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे, तभी छत से सीमेंट और मलबा अचानक नीचे गिर पड़ा। कक्षा में चीख-पुकार मच गई। बच्चे और शिक्षक घबराकर बाहर की ओर भागे।

हादसे में दो छात्र, 10 वर्षीय फिजा और 11 वर्षीय आहिल, मलबे की चपेट में आ गए। दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं, और उन्हें तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। सौभाग्य से, कक्षा में मौजूद बाकी 29 बच्चे बाल-बाल बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर मलबा और भारी होता, तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था।

ग्रामीणों में उबला गुस्सा (Hapur News)

हादसे की खबर फैलते ही गांव वाले स्कूल परिसर में जमा हो गए। अभिभावकों में गुस्सा था कि आखिर एक सरकारी स्कूल, जहां बच्चों का भविष्य संवारा जाता है, इतनी खराब हालत में कैसे हो सकता है? ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की इमारत सालों से जर्जर है। दीवारों में दरारें और छत से प्लास्टर गिरने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

एक अभिभावक ने गुस्से में कहा, “हमारे बच्चों की जान खतरे में है। अगर समय रहते स्कूल की मरम्मत हो जाती, तो आज यह नौबत न आती। अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता?”

हादसे की सूचना मिलते ही बाबूगढ़ थाना प्रभारी महेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में एसडीएम सदर ईला प्रकाश और सीओ सिटी जितेंद्र शर्मा भी स्कूल पहुंचे। अधिकारियों ने जर्जर भवन का जायजा लिया और कक्षा को तुरंत खाली करवाया। डीएम अभिषेक पांडेय ने घायल बच्चों का हाल जानने के लिए अस्पताल का दौरा किया।

एसडीएम ने बताया कि तीन बच्चों को मामूली चोटें आई हैं, और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। स्कूल भवन की सुरक्षा जांच के आदेश दे दिए गए हैं, और जांच के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई पहले होनी चाहिए थी।

जर्जर स्कूल भवन: खतरे की घंटी (Hapur News)

भमैड़ा का यह प्राथमिक विद्यालय कई सालों से मरम्मत के अभाव में जर्जर हालत में है। छत से बार-बार प्लास्टर गिरना, दीवारों में दरारें, और कमजोर संरचना अभिभावकों और शिक्षकों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। इसके बावजूद, शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

घायल बच्चों के परिवार वालों ने कहा, “हमारे बच्चों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। स्कूल की हालत सालों से खराब है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अगर आज कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो क्या जवाब देता प्रशासन?”

प्रशासन की अस्थायी व्यवस्था (Hapur News)

फिलहाल, प्रशासन ने कक्षा पांच को खाली करवा दिया है और बच्चों को दूसरी कक्षाओं में समायोजित करने की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन यह सिर्फ एक अस्थायी समाधान है। ग्रामीण और अभिभावक मांग कर रहे हैं कि स्कूल भवन की पूरी तरह से जांच हो और इसे जल्द से जल्द ठीक किया जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन अब भी नहीं चेता, तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को सामने ला दिया है।

यह हादसा एक चेतावनी है कि सरकारी स्कूलों की इमारतों की स्थिति पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। अभिभावक और ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से ले और स्कूल भवन को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाए। बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि स्कूलों में सुरक्षित माहौल हो।

प्रशासन को चाहिए कि वह भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए स्कूलों की नियमित जांच और मरम्मत का इंतजाम करे। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो भमैड़ा जैसे हादसे बार-बार सामने आ सकते हैं।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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