Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News हापुड़ जिले में यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सरकारी बैंकों में पूर्ण हड़ताल रही। बैंकों के बंद रहने से जिले भर में सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ गईं, जिससे करोड़ों रुपये का वित्तीय लेन-देन प्रभावित हुआ। नकद निकासी, कैश डिपॉजिट, चेक क्लियरिंग और लोन प्रोसेसिंग जैसे सभी महत्वपूर्ण कार्य रुक जाने से आम जनता, उद्यमियों और व्यापारी वर्ग को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिले भर की तमाम सरकारी बैंक शाखाओं के मुख्य द्वारों पर ताले लटके रहे और हड़ताल का नोटिस चस्पा नजर आया।
गढ़ रोड स्थित यूनियन बैंक पर कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन (Hapur News)
हड़ताल के दौरान हापुड़ के गढ़ रोड स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा पर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का भारी हुजूम देखने को मिला। जिले की विभिन्न सार्वजनिक बैंक शाखाओं के प्रतिनिधि यहाँ एकत्रित हुए और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बैंक प्रबंधन और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद बैंक कर्मचारियों की मूलभूत और न्यायसंगत मांगों को लंबे समय से लटका कर रखा गया है।
5-डे बैंकिंग और पीएलआई में पारदर्शिता की मुख्य मांग (Hapur News)
बैंक कर्मचारियों का आंदोलन मुख्य रूप से सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग (5-Day Banking) की व्यवस्था लागू करने पर केंद्रित है। कर्मचारियों का तर्क है कि जब भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और केंद्र सरकार के अधिकांश विभागों में सप्ताह में केवल 5 दिन काम की व्यवस्था लागू है, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है? इसके साथ ही कर्मचारी परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के आवंटन में पूर्ण पारदर्शिता लाने, रिक्त पदों पर त्वरित भर्ती करने और पुरानी पेंशन योजना व पेंशन अपडेशन जैसे मुद्दों को हल करने की मांग कर रहे हैं।
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बैंकों के चक्कर काटते रहे ग्राहक, लेन-देन ठप (Hapur News)
हड़ताल की वजह से सबसे ज्यादा मार आम जनता और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आए ग्राहकों पर पड़ी। बैंकों के मुख्य द्वार पर चस्पा नोटिस देखकर लोग निराश होकर वापस लौटते नजर आए। व्यापारी वर्ग का दैनिक व्यापारिक लेन-देन और चेक क्लीयरेंस रुक जाने से बाजार में नकदी का प्रवाह प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर बैंकों के बंद होने से एटीएम मशीनों पर अचानक नकद निकासी का दबाव बढ़ गया, जिससे कुछ एटीएम भी समय से पहले खाली हो गए।
मागें न मानने पर 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल का अल्टीमेटम (Hapur News)
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के जिला कोऑर्डिनेटर आर.के. माहेश्वरी ने कहा कि बैंक कर्मचारी देश की आर्थिक प्रगति में दिन-रात योगदान देते हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने हमारी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारी आगामी 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे, जिससे पैदा होने वाले आर्थिक संकट की पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
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