Khabarwala24 Hapur News: हापुड़ के प्रसिद्ध तीर्थनगरी ब्रजघाट में गंगा नदी के उफान के बीच प्रतिबंध के बावजूद श्रद्धालुओं को लेकर उतरी एक मोटर बोट का तेल खत्म हो गया, जिससे 3 श्रद्धालु तेज धारा में लगभग 4 किलोमीटर दूर तक बह गए। देर रात चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस ने अमरोहा के पास से तीनों श्रद्धालुओं को सकुशल खोज निकाला।
अस्थि विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा टला (Hapur News)
हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में स्थित तीर्थनगरी ब्रजघाट में मंगलवार की देर रात एक बेहद दर्दनाक हादसा होते-होते बचा। अपने दिवंगत भाई की अस्थियों का विसर्जन करने आए श्रद्धालु अजय कुमार टांडी और उनके दो रिश्तेदार हादसे का शिकार हो गए।
जब वे गंगा आरती स्थल के करीब पहुंचे, तो वहाँ मौजूद एक नाविक के झांसे में आ गए। नाविक ने उन्हें बीच धारा में जाकर विसर्जन करने की सलाह दी और बैरिकेडिंग पार कराकर मोटर बोट पर बैठा लिया।
बीच मजधार में बंद हुआ इंजन, 4 किमी दूर तक बहे श्रद्धालु (Hapur News)
गंगा की तेज धारा के बीच पहुँचते ही अचानक मोटर बोट का ईंधन (तेल) खत्म हो गया और इंजन पूरी तरह बंद पड़ गया। रात का अंधेरा और उफनती गंगा के बीच बोट तेजी से बहने लगी।
तीनों श्रद्धालुओं ने सुरक्षा के लिहाज से लाइफ जैकेट तो पहन रखी थी, लेकिन उफनती नदी और अंधेरे के कारण जान पर आ बनी थी। मोबाइल नेटवर्क न मिलने की वजह से काफी देर तक वे किसी से मदद भी नहीं मांग सके।
नेटवर्क आते ही मिली पुलिस को सूचना, अमरोहा के पास लोकेशन मिली (Hapur News)
बहाव के साथ बहते-बहते जब बोट ब्रजघाट से काफी दूर निकल गई, तब अचानक एक श्रद्धालु के फोन में थोड़ा नेटवर्क आया। उन्होंने बिना देर किए तुरंत अपने परिचित को फोन कर पूरी आपबीती बताई।
परिचित ने तुरंत हापुड़ पुलिस को अलर्ट किया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम मोटर बोट लेकर उफनती गंगा में रेस्क्यू के लिए उतर पड़ी। रात लगभग 12:40 बजे श्रद्धालुओं की लोकेशन अमरोहा जिले के दयावली गांव के पास मिली। पुलिस ने राहत की सांस लेते हुए तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
खतरे के निशान के पास बह रही है गंगा, फिर भी नाविकों की ढिलाई (Hapur News)
फिलहाल ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर चेतावनी के स्तर के काफी करीब पहुँच चुका है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 198.82 मीटर दर्ज किया गया, जो कि 199 मीटर के खतरे के निशान से महज 18 सेंटीमीटर नीचे है।
बाढ़ जैसी स्थिति और तेज बहाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने नावों और मोटर बोटों के संचालन पर पूरी तरह रोक (प्रतिबंध) लगा रखी है। इसके बावजूद नाविकों द्वारा चंद पैसों के लालच में नियमों की धज्जियां उड़ाकर श्रद्धालुओं की जान जोखिम में डालना बड़े प्रशासनिक सवालों को जन्म दे रहा है।
एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश (Hapur News)
इस पूरे वाकये पर संज्ञान लेते हुए गढ़मुक्तेश्वर के एसडीएम श्री राम यादव ने कहा कि जलस्तर बढ़ने के कारण नदी में बोट संचालन पर सख्त पाबंदी लागू है। प्रतिबंध के बावजूद मोटर बोट को गंगा में उतारने वाले दोषियों और नाविक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने तीर्थक्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और आम जनता तथा श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग से आगे न जाएं और उफनती नदी के बीच जाने की भूल न करें।
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