Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक बड़ी और ऐतिहासिक कानूनी कार्रवाई की खबर सामने आई है। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) ज्ञानेन्द्र सिंह यादव की अदालत ने एक नाबालिग मानसिक रूप से कमजोर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने वाले पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।इस संवेदनशील मामले की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने अदालत के इस फैसले की विस्तृत जानकारी साझा की है।
क्या था साल 2024 का यह संवेदनशील मामला? (Hapur News)
यह पूरी घटना जुलाई 2024 की है। हापुड़ कोतवाली नगर क्षेत्र के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला ने अपनी 17 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर बेटी के साथ हुई इस हैवानियत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।पीड़िता की मां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 23 जुलाई 2024 की रात को उसकी बेटी रोते हुए घर लौटी। उसने बताया कि मोती कॉलोनी (सिकंदरगेट) के रहने वाले सहाजेब उर्फ सावेज उर्फ डोडा ने उसे फोन किया था। आरोपी ने किशोरी को 500 रुपये और एक टच स्क्रीन मोबाइल देने का लालच दिया और उसे मोती कॉलोनी के पास एक खाली बाउंड्री वाली जगह पर बुला लिया। वहां आरोपी ने उसके साथ गलत काम (दुष्कर्म) किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
जांच में हुआ था बड़ा खुलासा, सामने आए 5 नाम (Hapur News)
हापुड़ नगर कोतवाली पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं। जांच में पता चला कि इस घिनौने अपराध में मुख्य आरोपी सहाजेब अकेला नहीं था, बल्कि उसके चार अन्य दोस्त भी शामिल थे। पुलिस ने तफ्तीश के बाद मामले में सलमान, नदीम, दानिश उर्फ बावला और मोहम्मद फतेह को भी सह-आरोपी बनाया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया और कोर्ट में मजबूत चार्जशीट दाखिल की।
अदालत ने इन धाराओं में सुनाई सख्त सजा (Hapur News)
विशेष न्यायाधीश ज्ञानेन्द्र सिंह यादव की अदालत ने दोनों पक्षों के गवाहों और सबूतों को देखने के बाद शुक्रवार को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया:
- अपहरण और धमकी: मुख्य आरोपी सहाजेब को धारा 363 (अपहरण) के तहत 3 वर्ष और सभी पांचों दोषियों को धारा 506 (जान से मारने की धमकी) के तहत 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा मिली।
- पोक्सो एक्ट: सभी पांचों दोषियों को धारा 5-जी/6 पोक्सो एक्ट के तहत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
- एससी-एसटी एक्ट: अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पांचों दोषियों को धारा 3(2)(v) एससी-एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
- अर्थदंड न देने पर दोषियों को दो-दो महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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