Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News: नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण करने और दुष्कर्म की घटना में आरोपी रितिक उर्फ ऋतिक को अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) ज्ञानेन्द्र सिंह यादव ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को कुल 15 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
क्या है पूरा मामला (Hapur News)
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि 17 जुलाई 2020 को ग्राम मुकीमपुर, थाना भोजपुर, जनपद गाजियाबाद निवासी रितिक उर्फ ऋतिक ने धौलाना थाना क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पीड़िता की मां ने थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी बेटी गायब हो गई है। उन्होंने कई जगहों पर तलाश की, लेकिन किशोरी का कुछ पता नहीं चला।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार (Hapur News)
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रितिक उर्फ ऋतिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही नाबालिग किशोरी को भी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) ज्ञानेन्द्र सिंह यादव की अदालत में चली। सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया।
न्यायाधीश ने सुनाई सजा (Hapur News)
न्यायाधीश ने आरोपी रितिक उर्फ ऋतिक को भा.दं.सं. धारा 363 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा दी। वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि आरोपी द्वारा अदा किए गए समस्त अर्थदंड की राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। इसके अलावा पोक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़िता को पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 1,00,000 रुपये की अतिरिक्त प्रतिकर राशि भी दी जाएगी।
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