जोड़ों के दर्द से राहत और बेहतर पाचन के लिए करें सिद्धासन का अभ्यास

नई दिल्ली, 21 फरवरी (khabarwala24)। स्वस्थ जीवनशैली की चाह रखने वालों के लिए योग सबसे कारगर तरीका है। नियमित रूप से योगासन करने और संतुलित आहार लेने से न सिर्फ शरीर फिट रहता है, बल्कि मन भी शांत और एकाग्र रहता है। इसी कड़ी में सिद्धासन एक ऐसा योगासन है, जिसे प्राचीन समय से लोग […]

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नई दिल्ली, 21 फरवरी (khabarwala24)। स्वस्थ जीवनशैली की चाह रखने वालों के लिए योग सबसे कारगर तरीका है। नियमित रूप से योगासन करने और संतुलित आहार लेने से न सिर्फ शरीर फिट रहता है, बल्कि मन भी शांत और एकाग्र रहता है। इसी कड़ी में सिद्धासन एक ऐसा योगासन है, जिसे प्राचीन समय से लोग करते आए हैं।

सिद्धासन को सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ध्यान आसन माना गया है। ‘सिद्ध’ का अर्थ है ‘पूर्ण’ या ‘ज्ञानी’। यह एक ऐसी योग मुद्रा है जिसमें पैर की एड़ी को पेरिनियम और दूसरे पैर की एड़ी को जननांग के ऊपर रखकर रीढ़ सीधे रखते हुए ध्यान केंद्रित किया जाता है।

अगर सिद्धासन का अभ्यास नियमित रूप से किया जाए, तो यह पाचन और कई तरह के शारीरिक व मानसिक रोगों जैसे दमा और मधुमेह में लाभ देता है। इसी के साथ ही यह आसन कूल्हों, घुटनों और टखनों को स्ट्रेच करता है।

इसको करने की विधि काफी आसान है। इसको करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर दंडासन की मुद्रा में बैठ जाएं। इसके बाद बाएं पैर को घुटने से मोड़कर एड़ी को पेरिनियम के बीच पर मजबूती से रखें। इसके बाद दाएं पैर को मोड़ें और इसकी एड़ी को बाएं पैर की एड़ी के ठीक ऊपर रखें। दाएं पैर की उंगलियों को बाएं पैर की जांघ और पिंडली के बीच के जोड़ में फंसा दें। अब रीढ़ की हड्डी, गर्दन और सिर को बिल्कुल सीधा रखें और अपनी आंखें बंद करके ध्यान केंद्रित करें।

आयुष मंत्रालय ने इसे अत्यंत महत्वपूर्ण ध्यान आसन बताया है, जो सिद्ध चिकित्सा प्रणाली में शरीर की नाड़ियों का शुद्धिकरण, प्राण ऊर्जा को ऊपर उठाने और मन को शांत करने के लिए एक प्रमुख यौगिक क्रिया मानी जाती है। यह रीढ़ की हड्डी को सीधा रखता है, ब्रह्मचर्य पालन में सहायक है, पाचन में सुधार करता है, और ध्यान व प्राणायाम के लिए एक स्थिर मुद्रा प्रदान करता है।

इसके नियमित अभ्यास से कई तरह के लाभ मिलते हैं। अगर किसी के घुटनों या कूल्हों में दर्द हो तो सावधानी से करें या कुर्सी का सहारा लें। गहरी सांस लेते समय या प्राणायाम के समय उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति सतर्क रहें।

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