बेंगलुरु, 8 फरवरी (khabarwala24)। कर्नाटक के अवसंरचना विकास मंत्री एमबी पाटिल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य के लिए कई अहम रेल परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग की। पाटिल ने बेंगलुरु से विजयपुरा के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस चलाने, बेंगलुरु-मुंबई के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू करने और बेंगलुरु-विजयपुरा मार्ग पर एक दैनिक विशेष ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा।
शनिवार को हाई-टेक हार्डवेयर पार्क में एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन करने के बाद मंत्री पाटिल ने उसी कार्यक्रम स्थल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और उन्हें लिखित प्रस्ताव सौंपे। इस दौरान रेल मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया।
मंत्री पाटिल ने कहा कि बेंगलुरु देश की तकनीकी राजधानी है, जबकि मुंबई को देश की वित्तीय राजधानी माना जाता है। ऐसे में दोनों बड़े शहरों को एक तेज, आधुनिक और प्रभावी परिवहन प्रणाली से जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने मांग की कि मुंबई-पुणे के बीच घोषित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को आगे बढ़ाकर बेंगलुरु तक विस्तारित किया जाए। इस मांग पर भी रेल मंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
बेंगलुरु और विजयपुरा के बीच यात्रा को लेकर पाटिल ने बताया कि दोनों शहरों के बीच की दूरी लगभग 530 किलोमीटर है, लेकिन मौजूदा ट्रेनों से यह सफर 15 से 16 घंटे में पूरा होता है। इस लंबे यात्रा समय को घटाकर करीब 10 घंटे किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने सुझाव दिया कि बेंगलुरु से हुब्बल्ली के बीच कम ठहराव रखे जाएं और ट्रेनों को हुब्बल्ली और गदग बायपास के जरिए चलाया जाए। साथ ही, इस मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की भी मांग रखी।
इसके अलावा, मंत्री पाटिल ने बेंगलुरु-विजयपुरा रूट पर रोजाना एक विशेष ट्रेन सेवा शुरू करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित तीनों रेल सेवाएं मध्य और उत्तर कर्नाटक के कई जिलों के लिए सामाजिक, औद्योगिक और आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद साबित होंगी। पाटिल के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उनकी तीनों मांगों पर सहमति जताई और सकारात्मक रुख दिखाया। इस बैठक में दक्षिण पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अजय शर्मा सहित कई वरिष्ठ रेलवे अधिकारी भी मौजूद रहे।
इससे पहले, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मंत्री पाटिल ने कहा कि यह नया प्लांट भारत की उस क्षमता को मजबूती देता है जिसके तहत देश मिशन-क्रिटिकल अनुप्रयोगों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक्स का डिजाइन, निर्माण और आपूर्ति कर सकता है। उन्होंने बताया कि यह यूनिट रक्षा, एयरोस्पेस और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अहम क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जहां गुणवत्ता और भरोसे से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
मंत्री ने यह भी कहा कि कर्नाटक सरकार बेंगलुरु और उसके आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को कावेरी नदी से सुनिश्चित जल आपूर्ति देने के लिए 4,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश कर रही है। इसके अलावा, सड़कों, बिजली और लॉजिस्टिक्स में लगातार निवेश किया जा रहा है ताकि राज्य में उद्योगों को लंबे समय तक भरोसेमंद सुविधाएं मिलती रहें।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


