योग करने से पहले जान लें ये 10 नियम, नहीं तो फायदा रह जाएगा आधा

नई दिल्ली, 18 जनवरी (khabarwala24)। भारतीय संस्कृति में योग का इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है। ‘योग’ शब्द संस्कृत के ‘युज’ से आया है, जिसका मतलब होता है ‘जुड़ना’ या ‘मिलना।’ ऋग्वेद जैसे प्राचीन ग्रंथों में योग का उल्लेख मिलता है, जिसमें बताया गया है कि योग केवल शारीरिक शक्ति ही नहीं बढ़ाता, बल्कि मानसिक […]

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नई दिल्ली, 18 जनवरी (khabarwala24)। भारतीय संस्कृति में योग का इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है। ‘योग’ शब्द संस्कृत के ‘युज’ से आया है, जिसका मतलब होता है ‘जुड़ना’ या ‘मिलना।’

ऋग्वेद जैसे प्राचीन ग्रंथों में योग का उल्लेख मिलता है, जिसमें बताया गया है कि योग केवल शारीरिक शक्ति ही नहीं बढ़ाता, बल्कि मानसिक शांति, ध्यान और आत्म-जागरूकता भी प्रदान करता है। समय के साथ योग न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में फैल गया और आज इसे ‘योगा’ के नाम से जाना जाता है।

योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं है, बल्कि इसके लिए कुछ नियमों का पालन करना भी बहुत जरूरी है।

सबसे पहला नियम है योग करने से पहले तन और मन की स्वच्छता। योग की शुरुआत से पहले न केवल शरीर साफ होना चाहिए, बल्कि आस-पास का वातावरण भी स्वच्छ होना चाहिए। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि स्वच्छता से मन शांत रहता है और ध्यान केंद्रित करना आसान होता है।

दूसरा नियम है योगासनों को खाली पेट करना। खाने के तुरंत बाद योग करने से पेट पर दबाव पड़ता है और आसनों का सही फायदा नहीं मिलता। अगर कमजोरी महसूस हो तो गुनगुने पानी में थोड़ी शहद मिलाकर पी सकते हैं।

तीसरा नियम है मूत्र और आंतों का खाली होना। इससे शरीर को आराम मिलता है और योग करते समय किसी भी तरह की असुविधा नहीं होती।

चौथा नियम है योग की शुरुआत प्रार्थना या वंदना से। ऐसा करने से मस्तिष्क में अच्छे विचार आते हैं और मानसिक रूप से योग के लिए तैयार होना आसान होता है।

पांचवां नियम है योगासन को धीरे-धीरे और सतर्कता के साथ करना। योग की गति तेज नहीं होनी चाहिए। धीरे-धीरे आसन करने से मांसपेशियों और जोड़ों को चोट से बचाया जा सकता है और शारीरिक लाभ भी बेहतर मिलता है।

छठा नियम है स्ट्रेचिंग और वॉर्म-अप करना। योगासन शुरू करने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करना मांसपेशियों को गर्म करता है और चोट लगने की संभावना कम करता है।

सातवां नियम है सही तकनीक और मुद्रा का अभ्यास। किसी भी नए योगासन को पहली बार करते समय ध्यान से सीखना जरूरी है। गलत मुद्रा से शरीर को नुकसान हो सकता है।

आठवां नियम है सही कपड़े पहनना। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनना योग के लिए जरूरी है ताकि आसन करते समय शरीर को पूरी स्वतंत्रता मिले और रक्त संचार ठीक से हो।

नौवां नियम है सांस पर ध्यान देना। योग में श्वास का नियंत्रण बहुत अहम है। सही ढंग से सांस लेने से शरीर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और मानसिक शांति मिलती है।

दसवां नियम है योगाभ्यास के बाद विश्राम करना। सभी आसनों के बाद शरीर और मस्तिष्क को आराम देना जरूरी है। इससे शरीर में तनाव नहीं रहता और योग का पूरा लाभ मिलता है।

योग के ये नियम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी बनाए रखते हैं। इससे तनाव, चिंता और थकान जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

—khabarwala24

पीके/एएस

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