Hapur पुलिस की वायरल तस्वीर: सात सवारी वाली बाइक रोकी, चालान की बजाय प्यार से समझाया , ‘इंसानियत की पुलिसिंग’ बनी मिसाल

Khabarwala 24 News Hapur: Hapur कार्तिक पूर्णिमा मेले की आस्था की लहरों के बीच उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक ऐसी घटना घटी, जिसने न सिर्फ सोशल मीडिया पर धूम मचा दी, बल्कि पुलिस की नई छवि को भी निखार दिया। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के पलवाड़ा रोड चेकिंग पॉइंट पर मेला ड्यूटी में तैनात […]

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

Khabarwala 24 News Hapur: Hapur कार्तिक पूर्णिमा मेले की आस्था की लहरों के बीच उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक ऐसी घटना घटी, जिसने न सिर्फ सोशल मीडिया पर धूम मचा दी, बल्कि पुलिस की नई छवि को भी निखार दिया। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के पलवाड़ा रोड चेकिंग पॉइंट पर मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस टीम ने एक बाइक पर सवार चालक और उसके छह मासूम बच्चों को रोका। सात सवारी वाली इस बाइक को देखकर लोग चालान की उम्मीद करने लगे, लेकिन पुलिस का जवाब था, प्यार भरी सलाह और मुस्कान। यह तस्वीर वायरल हो गई, जिसे हजारों लोगों ने शेयर किया और कमेंट्स में लिखा, “ये नहीं डंडे की, बल्कि दिल की पुलिसिंग है।”

सात जिंदगियां, एक बाइक का सफर (Hapur)

कार्तिक पूर्णिमा का मेला हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में ‘मिनी कुंभ’ की तरह धूमधाम से मनाया जा रहा है। लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और यूपी के कोनों से पहुंचे हैं। मेला 17 नवंबर से शुरू होकर 6 नवंबर तक चलेगा, जिसमें मुख्य स्नान 5 नवंबर को है। इस बार 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। भैंसा दौड़, भक्तों की भीड़ और ट्रैफिक का बोझ सब कुछ आस्था से सराबोर था।

चेकिंग टीम ने बाइक सवार को रोका (Hapur)

ऐसे ही व्यस्त पलवाड़ा रोड पर चेकिंग पॉइंट तैनात ट्रैफिक टीम ने एक बाइक को रोका। बाइक पर चालक के अलावा छह छोटे-छोटे बच्चे सवार थे – कुछ आगे, कुछ पीछे, कुछ टैंक पर। सातों जिंदगियां हंसते-खेलते गंगा स्नान की ओर जा रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चे उम्र के 4 से 10 साल के बीच के थे, जो पिता के साथ मेले का मजा लेने निकले थे। लेकिन तेज रफ्तार वाली सड़क पर यह लापरवाही किसी हादसे का न्योता दे रही थी।

चालान नहीं, सलाह और मुस्कान (Hapur)

मेला ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक हेड कांस्टेबल चमन खान ने बाइक रोकी। पहले तो सब चौंक गए, लेकिन चमन खान ने मुस्कुराते हुए चालक से कहा:

“भाई साहब, अपने बच्चों को लेकर निकले हैं, ये दृश्य तो बहुत प्यारा है। लेकिन अगर कुछ हो गया तो ये मुस्कान हमेशा के लिए गम में बदल जाएगी। ट्रैफिक नियमों का पालन करें, आपकी और बच्चों की जान सबसे कीमती है। हेलमेट पहनें, ओवरलोडिंग न करें।”

घर सलामत लौटें, तभी पुण्य होगा पूरा (Hapur)

उनके साथ ड्यूटी पर मौजूद कांस्टेबल गौरव तोमर और होमगार्ड रोहित ने भी अपनापन भरे लहजे में जोड़ा: “मेला आस्था का पर्व है, लेकिन सुरक्षा भगवान का फरमान है। घर सलामत लौटें, तभी पुण्य पूरा होगा।” किसी को फटकार नहीं, जुर्माना नहीं सिर्फ जागरूकता और प्यार।

जुर्माने से ज्यादा असर प्यार का (Hapur)

हापुड़ यातायात प्रभारी छवि राम ने इस घटना पर बातचीत में कहा कि “कार्तिक पूर्णिमा मेला आस्था का त्योहार है, लेकिन सड़क सुरक्षा सबसे ऊपर है। हमारी टीम का उद्देश्य डराना नहीं, बल्कि समझाना है। जुर्माने से डर लगता है, लेकिन प्यार भरे शब्द दिल को छूते हैं। आज की यह तस्वीर उसी का जीता-जागता उदाहरण है।”

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related News

Breaking News