बीजिंग, 19 जनवरी (khabarwala24)। आर्थिक मामलों के स्तंभकार तेज पर्रिक द्वारा 18 जनवरी को फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित एक टिप्पणी में तर्क दिया गया है कि एआई की दौड़ को मैराथन के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि सबसे शक्तिशाली मॉडल खोजने के लिए स्प्रिंट के रूप में, और चीन के प्रचुर ऊर्जा संसाधन, ओपन-सोर्स मॉडल और विनिर्माण लाभ इसे एआई की दौड़ में बढ़त दिलाएंगे।
इस लेख में बताया गया है कि ओपनएआई, गूगल और एंथ्रोपिक जैसी अमेरिकी कंपनियों द्वारा विकसित एआई मॉडल अग्रणी स्थिति में हैं क्योंकि उन्हें उच्च-स्तरीय चिप्स का उपयोग करके प्रशिक्षित किया जा सकता है, लेकिन उनकी अग्रणी स्थिति सुरक्षित नहीं है। उधर, डीपसीक, अलीबाबा और मूनशॉट एआई सहित चीनी कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं, और चीन के शीर्ष बड़े पैमाने के भाषा मॉडल प्रदर्शन के अंतर को कम कर रहे हैं। उनके अलावा चीन ओपन-सोर्स मॉडल के क्षेत्र में अग्रणी है, जिन्हें डेवलपर्स द्वारा संशोधित और पुनः प्रशिक्षित करने के लिए निशुल्क और स्वतंत्र रूप से उपलब्ध कराया जाता है।
लेख में ब्रिटिश आर्थिक अनुसंधान फर्म कैपिटल इकोनॉमिक्स के अर्थशास्त्रियों के विश्लेषण का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि ‘यदि एल्गोरिथम दक्षता, डेटा गुणवत्ता और सिस्टम-स्तरीय डिजाइन का पूरी तरह से उपयोग जारी रखा जाता है, तो चीन में प्रशिक्षित एआई मॉडल अब भी अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ मॉडलों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।’
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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