नई दिल्ली, 7 दिसंबर (khabarwala24)। भारत और ओमान के बीच बेहद गहरा संबंध है। दोनों देश एक-दूसरे के साथ भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से जुड़े हैं। दोनों देशों के बीच 1955 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे, जो साल 2008 में रणनीतिक साझेदारी में बदल गए।
ओमान का क्षेत्रफल लगभग 309,500 वर्ग किलोमीटर है, और इसकी जनसंख्या कंट्रीमीटर्स के हिसाब से 15 अगस्त 2025 तक 7,910,679 है। ओमान में भारी संख्या में प्रवासी रहते हैं। उनमें भारतीयों की संख्या भी काफी ज्यादा है।
ओमान में लगभग सात से आठ लाख भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं। ओमान और भारत के बीच समुद्री व्यापार प्राचीन सिंधु-सभ्यता के समय से चला आ रहा है। गुजरात, कच्छ, केरल और महाराष्ट्र के व्यापारी सदियों से ओमान के बंदरगाहों पर आते-जाते रहे हैं।
ओमानी लोग भारत में मसाले, वस्त्र, मोती और धातुओं का व्यापार करते थे। ओमान में भारतीय संगीत, फिल्में और नृत्य को भी काफी पसंद किया जाता है। इसके अलावा, यहां भारी संख्या में भारतीयों के रहने की वजह से पर्व-त्योहार भी धूमधाम से मनाए जाते हैं। ओमान के खानपान में करी, मसाले, बिरयानी, चपाती, समोसा जैसी भारतीय चीजें काफी लोकप्रिय हैं।
ओमान में शाही परिवारों के इतिहास की जड़ें भी भारत से जुड़ी हुई हैं। माना जाता है कि ओमान के कुछ शाही परिवारों के पूर्वज भारत में गुजरात के कच्छ से जुड़े थे।
दोनों देश सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपी) के तहत कला, शिक्षा, विरासत संरक्षण और खेलों में सहयोग करते हैं। वहीं, भारत और ओमान के बीच व्यापार बढ़ाने को लेकर कवायद तेज हो गई है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसका संकेत दिया था। ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) करने की तैयारी भी चल रही है।
ओमान के साथ व्यापार को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा था, “भारत ऐसे सभी देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है, जिनसे व्यापार के नए रास्ते खुल सकते हैं। ध्यान रहे कि भारतीय समुदाय के लोग करीब 150-200 साल से भी अधिक समय से ओमान में रह रहे हैं। अब ओमान में करीब 7 लाख भारतीय रहते हैं।”
उन्होंने बताया कि ओमान के साथ एफटीए पर तेजी से बातचीत हुई है और अब इसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह समझौता भारत और ओमान दोनों देशों के लिए विन-विन डील होगी।
ओमान, भारत के लिए खाड़ी देशों में अहम व्यापारिक भागीदार है। अगर दोनों देशों के बीच यह समझौता हो जाता है तो भारत को अपने प्रोडक्ट्स के लिए ओमान में मार्केट का विस्तार करने को मिलेगा। इससे कारोबारियों को भी काफी फायदा होगा। भारत के निर्यात में तेजी आएगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में भारत की आर्थिक पकड़ को भी मजबूती मिलेगी।
दोनों देशों के बीच वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 10.61 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ है। भारत ओमान से कच्चा तेल, एलएनजी, पेट्रोलियम आधारित उत्पाद, एल्युमिनियम, कॉपर, आयरन, फर्टिलाइजर, मशीनपार्ट्स, खजूर, सीफूड, समेत अन्य चीजें आयात करता है।
भारत ओमान को चावल, अनाज और अन्य खाद्य सामग्री, ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स, लोहा और इस्पात उत्पाद, दवाइयां और फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, परिधान और कपड़ा उत्पाद, बिजली उपकरण, फर्नीचर और घरेलू सामान निर्यात करता है। भारत और ओमान के बीच ऊर्जा, व्यापार, संस्कृति और सुरक्षा के क्षेत्रों में मजबूत संबंध हैं।
Source : IANS
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