ढाका, 25 नवंबर (khabarwala24)। सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिकों ने कथित ‘ईशनिंदा’ की आड़ में देश भर में हो रहे बड़े पैमाने पर हमलों, मुकदमों, गिरफ्तारियों और भीड़ के हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है। लोकल मीडिया ने यह जानकारी दी।
यह मामला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में बाउल सिंगर अबुल सरकार की गिरफ्तारी और उसके बाद मानिकगंज जिले में उनके फॉलोअर्स पर हुए हमले को लेकर बढ़ते गुस्से और विरोध के बीच हुआ है।
258 नागरिकों के जॉइंट स्टेटमेंट के मुताबिक, पिछले साल जुलाई के प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश में धार्मिक कट्टरता ‘सिर उठाने लगी है’, जिसमें एक खास तबका खुद को इस्लाम का ‘एकमात्र एजेंट’ बताता दिख रहा है, जबकि उसने देश भर में कार्रवाई शुरू कर दी है।
बांग्लादेश के बंगाली डेली प्रोथोम आलो ने साइन करने वालों के हवाले से कहा, “200 से ज्यादा मजारों को गिराना, अनगिनत लोगों को धर्म से भटकने वाला, काफ़िर या ईशनिंदा करने वाला बताना, लाशों को निकालकर जलाना, बाउल और फकीरों के उलझे हुए बाल जबरदस्ती काटना, महिलाओं को उनके आने-जाने या कपड़ों के लिए परेशान करना, म्यूजिक, डांस और थिएटर के शो में रुकावट डालना और यहां तक कि खेल और मेलों में भी रुकावट डालना। यह सब बताता है कि अलग सोच या लाइफस्टाइल रखने वालों को खत्म करना उनका मकसद बन गया है।”
इन हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए असरदार कदम उठाने में नाकाम रहने के लिए मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए, लोगों ने कहा कि इन हमलों के पीछे ‘ईशनिंदा’ के आरोपों को लगातार मुख्य हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
बयान में आगे कहा गया, “डेढ़ साल के बाद भी सरकार के बर्ताव से लगता है कि अपनी जगह मजबूत करने के लिए धार्मिक फासीवाद को चुपचाप बर्दाश्त किया जा रहा है। इससे डेमोक्रेसी के सपोर्टर नागरिकों की निराशा बढ़ रही है और हारी हुई फासीवादी ताकतों की वापसी का रास्ता बन रहा है। इससे बांग्लादेश को ग्लोबल स्टेज पर एक संभावित धार्मिक कट्टरपंथी देश के तौर पर दिखाने के मौके भी मिल रहे हैं।”
लोगों ने अबुल सरकार की गिरफ्तारी की भी निंदा की और उनकी तुरंत रिहाई की मांग की।
बयान जारी करने वालों में बांग्लादेश में टीचर, राइटर, रिसर्चर, आर्टिस्ट, जर्नलिस्ट, ह्यूमन राइट्स डिफेंडर, कल्चरल एक्टिविस्ट और बाउल फॉलोअर शामिल थे।
बांग्लादेश में यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत माइनॉरिटी के खिलाफ बढ़ती हिंसा, बढ़ती भीड़ की हिंसा और राजनीतिक विरोधियों की अंधाधुंध गिरफ्तारियां देखी गई हैं। इससे दुनिया भर के लोगों और कई ह्यूमन ऑर्गनाइजेशन में गुस्सा है।
Source : IANS
डिस्क्लेमर: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में Khabarwala24.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर Khabarwala24.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


