Khabarwala 24 News Lucknow: UPPCL विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निजीकरण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 29 मई को देशभर में प्रदर्शन की घोषणा की है। इसके साथ ही, 20 मई को उत्तर प्रदेश के जिलों और परियोजनाओं पर व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। यह निर्णय नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की कोर कमेटी की ऑनलाइन बैठक में लिया गया।
समिति ने दी चेतावनी
बैठक में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने की रणनीति बनाई गई। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों पर कोई दमनात्मक कार्रवाई की गई, तो इसका तीखा जवाब दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
वर्क टू रूल आंदोलन जारी, 20 मई को लखनऊ में शक्ति भवन पर प्रदर्शन
14 मई से शुरू हुआ वर्क टू रूल आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान बिजली कर्मियों ने केवल निर्धारित कार्य घंटों में काम किया और इसके बाद प्रबंधन से पूर्ण असहयोग किया। 20 मई को उत्तर प्रदेश के 42 जनपदों में निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन होंगे। लखनऊ में सभी कार्यालयों के बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी और अभियंता शक्ति भवन मुख्यालय पर एकत्रित होकर विरोध दर्ज करेंगे।
पावर कॉरपोरेशन पर फर्जीवाड़े का आरोप
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन बैलेंस शीट में फर्जीवाड़ा कर रहा है। उन्होंने कहा कि घाटे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है ताकि निजीकरण के बाद कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाया जा सके। दुबे ने यह भी बताया कि पावर कॉरपोरेशन ने बिजली दरों में 30 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव दिया है, जो निजीकरण की ओर बढ़ता कदम है। उन्होंने चेतावनी दी कि निजीकरण के बाद यह मनमानी और बढ़ेगी।
एकजुटता का प्रदर्शन
लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों के साथ एकजुटता दिखाएंगे। समिति ने चेतावनी दी है कि शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमनात्मक कार्रवाई की गई तो इसका तीखा जवाब दिया जाएगा।