सरसों को सवा आठ और गेहूं को सवा छह प्रतिशत का नुकसान, रुक-रुककर हुई वर्षा के बाद हुआ सर्वे, गुरुवार तक 70 किसानों ने बीमित केंद्रों पर किया दावा

Khabarwala24NewsHapur : पिछले दिनों हुई वर्षा में तबाह हो चुकी फसलों की भरपाई होना काफी मुश्किल है। नुकसान का आंकलन करने के लिए उतरी सरकारी मशीनरी में जांच में अभी तक गेहूं की फसल में सवा छह और सरसों को सवा आठ प्रतिशत का नुकसान सामने आया है। ऐसे में किसान सर्वे की पेचीदगी में […]

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Khabarwala24NewsHapur : पिछले दिनों हुई वर्षा में तबाह हो चुकी फसलों की भरपाई होना काफी मुश्किल है। नुकसान का आंकलन करने के लिए उतरी सरकारी मशीनरी में जांच में अभी तक गेहूं की फसल में सवा छह और सरसों को सवा आठ प्रतिशत का नुकसान सामने आया है। ऐसे में किसान सर्वे की पेचीदगी में उलझ कर रह गया है। 33 प्रतिशत से कम नुकसान पर राजस्व विभाग मुआवजा नहीं देगा, जबकि कृषि विभाग 50 प्रतिशत से कम नुकसान पर त्वरित सहायता मुहैया नहीं करा सकेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सिर्फ 1470 किसानों तक सीमित रहेगा। एेसे में लगभग 70 हजार से अधिक किसानों के लिए अपनी फसलों की लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा।

17 और 19 मार्च तक को वर्षा हुई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत बनाए गए केंद्रों पर अब 70 किसानों ने फसल नुकसान का दावा किया है। जिनमें कुछ बिना बीमा फसल वाले किसान भी शामिल है। जिन्हें समझाया जा रहा है कि क्षतिपूर्ति केवल बीमा आधारित फसलों से जुड़े किसानों को दी जाएगी। जिसका सर्वे होने के बाद नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। 18 मार्च की रात तेज हवा के साथ वर्षा हुई। जिसमें फसलों को भारी नुकसान हुआ।

मुआवजा का यह हैं नियम :

प्राकृतिक आपदा में फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर राजस्व विभाग आपदा प्रबंधन के तहत मदद महैया कराया करता है। 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने की स्थिति में कृषि विभाग नेटिफिकेशन जारी करता है। इस पर डीएम की ओर से निदेशक संख्यिकी को पत्र लिखा जाता है और तात्कालिक सहायता के रूप में कुल बोआई के सापेक्ष औसत उत्पादन निकालकर 25 प्रतिशत नुकसान की धनराशि मुहैया कराई जाती है। फसल कटने के बाद बोआई और उत्पादन में आने वाले अंतर के आधार पर शेष नुकसान की भरपाई की जाएगी।

क्या बोले जिला कृषि अधिकारी

जिले में 45 हजार हेक्टेयर में गेहूं और तीन हजार हेक्टेयर में सरसों की खेती है। वर्षा के चलते शासनादेश पर राजस्व विभाग की टीम के साथ क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे किया गया था। इस दौरान अभी तक सवा छह प्रतिशत गेहूं की फसल को नुकसान सामने आया है। जबकि सरसों को सवा प्रतिशत का नुकसान हुआ है। वहीं फसल की क्षतिपूर्ति के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी आफ इंडिया लिमिटेड के जिले में प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं। मनोज कुमार, जिला कृषि अधिकारी

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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