Khabarwala 24 News Hapur:यूपी के जनपद हापुड़ (Hapur) के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर में शुक्रवार की देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां हिस्ट्रीशीटर और दिल्ली पुलिस का भगोड़ा सिपाही अजीत ने अपने 83 वर्षीय पिता राममेहर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। यह हत्या 17 बीघा जमीन को ठेके पर देने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और हत्यारोपी अजीत की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
क्या है पूरा मामला (Hapur)
नूरपुर गांव निवासी राममेहर सिंह (83) अपनी पत्नी शकुंतला, पुत्रवधू गीता, और पौत्र हिमांशु के साथ रहते थे। उनका बड़ा बेटा प्रवीण मुरादाबाद में अपने परिवार के साथ रहता है, जबकि मंझला बेटा विनोद उर्फ पप्पू, जो नोएडा में ठेकेदारी करता था, की 25 साल पहले हत्या हो चुकी थी। सबसे छोटा बेटा अजीत, जो अविवाहित है, बाबूगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर और दिल्ली पुलिस का भगोड़ा सिपाही है, अलग-अलग ठिकानों पर रहता था।

पिता की कर दी हत्या (Hapur)
राममेहर सिंह के नाम 17 बीघा जमीन थी, जिस पर विनोद खेती करता था। हाल ही में राममेहर ने इस जमीन को किसी किसान को ठेके पर बुआई के लिए दे दिया था। इस बात की जानकारी अजीत को हुई, जिससे वह आगबबूला हो गया। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे अजीत अपने गांव पहुंचा और पिता के साथ घर में बैठकर शराब पीने लगा।

इस दौरान जमीन को ठेके पर देने की बात पर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही तीखी नोकझोंक में बदल गया। गुस्से में आकर अजीत ने अपनी अंटी से तमंचा निकाला और राममेहर पर गोली चला दी। गोली लगने से राममेहर लहूलुहान होकर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।गोली की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। राममेहर का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने परिवार को सांत्वना दी, और घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस और फोरेंसिक जांच (Hapur)
हत्याकांड की सूचना मिलते ही सीओ सिटी जितेंद्र शर्मा और थाना प्रभारी महेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए, जिसमें तमंचे का खोखा और अन्य सबूत शामिल हैं। पुलिस ने हत्यारोपी अजीत की तलाश के लिए कई टीमें गठित की हैं, जो संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
हत्यारोपी अजीत का आपराधिक इतिहास (Hapur)
अजीत का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा और गंभीर है। वह न केवल बाबूगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर है, बल्कि दिल्ली पुलिस का भगोड़ा सिपाही भी है। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं:
2006: रालोद नेता बबली त्यागी की हत्या में संलिप्तता।
2006: गढ़मुक्तेश्वर में सरसों तेल व्यापारी पर गोलीबारी और लूटपाट।
2006: मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाने में हत्या का मामला।
2008: बुलंदशहर के अनूपशहर में हत्या का मामला।
2016: बाबूगढ़ में हत्या का प्रयास।
2020: बुलंदशहर के बीबीनगर थाने में हत्या का मामला।
पुलिस अजीत के आपराधिक इतिहास की और गहन जांच कर रही है ताकि उसके अन्य अपराधों और नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस का बयान (Hapur)
अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया, “हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, और फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। हत्यारोपी अजीत की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। हमारा प्रयास है कि उसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।


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