CLOSE

बदायूं में कुत्ते के काटे भैंस के दूध से बना रायता, तेहरवीं की दावत से 200 लोग पहुंचे अस्पताल, जानें क्या है पूरा मामला

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

बदायूं , 29 दिसंबर (khabarwala24)। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के पिपरौली गांव में एक तेरहवीं के भोज में परोसे गए रायते को खाने के बाद ग्रामीणों में रेबीज संक्रमण का डर फैल गया। रायता उस भैंस के दूध से बना था, जिसे कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काट लिया था और बाद में भैंस की मौत हो गई। इस डर से करीब 200 ग्रामीणों ने एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दूध उबालने के बाद रेबीज का खतरा नहीं रहता, लेकिन एहतियात के तौर पर टीकाकरण किया गया। गांव में अब तक किसी में रेबीज के लक्षण नहीं दिखे हैं और स्थिति सामान्य है।

क्या हुआ पूरा मामला?

बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र के पिपरौली गांव में 23 दिसंबर को एक व्यक्ति की तेरहवीं का आयोजन हुआ था। इस भोज में पूरे गांव के लोग शामिल हुए और भोजन के साथ दही का रायता भी परोसा गया। रायता गांव के ही प्रमोद नाम के व्यक्ति की भैंस के दूध से तैयार किया गया था।

कुछ दिन बाद, 26 दिसंबर को उस भैंस की मौत हो गई। ग्रामीणों को पता चला कि भैंस को इससे पहले एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था और उसमें रेबीज जैसे लक्षण दिखाई दिए थे। यह खबर फैलते ही गांव में डर का माहौल बन गया। लोगों को लगा कि रायता खाने से उन्हें भी रेबीज हो सकता है। नतीजा यह हुआ कि सैकड़ों ग्रामीण उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए और एंटी-रेबीज टीका लगवाया।

- Advertisement -

ग्रामीणों की चिंता और प्रतिक्रिया

ग्रामीण धर्मपाल ने बताया कि भैंस को कुत्ते ने काटा था, जिससे वह बीमार पड़ गई और मर गई। रायता उसी भैंस के दूध से बना था, इसलिए संक्रमण का डर लगा। इसी तरह कई अन्य ग्रामीणों ने भी यही बात कही। महिलाएं और बच्चे भी टीका लगवाने पहुंचे। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि दावत में सबने मिलकर खाना खाया था, इसलिए सभी को चिंता हुई।

स्वास्थ्य विभाग और अधिकारियों का बयान

चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि भैंस को कुत्ते ने काटा था और रेबीज के लक्षणों से उसकी मौत हुई। ग्रामीणों ने उसी भैंस के दूध से बने रायते का सेवन किया था। उन्होंने बताया कि दूध उबालने के बाद रेबीज वायरस नष्ट हो जाता है, इसलिए वास्तविक खतरा नहीं है। फिर भी, किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए सभी को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई गई।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि गांव में कोई बीमारी नहीं फैली है और सभी लोग स्वस्थ हैं। शनिवार और रविवार को भी स्वास्थ्य केंद्र खुले रखे गए ताकि टीका तुरंत उपलब्ध हो सके। विभाग गांव पर नजर रख रहा है ताकि अफवाहें न फैलें।

- Advertisement -

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img
Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-