Khabarwala 24 News New Delhi : AC Servicing Cost भीषण गर्मी में बिना AC के गुजारा करना मुश्किल हो गया है यह हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। जो लोग पहले से AC इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके दिमाग में एक सवाल आता है क्या हर साल AC की सर्विसिंग करवानी जरूरी है? AC कोई जादू की मशीन नहीं, यह भी समय के साथ घिसता-पिटता है। अगर आप सोच रहे हैं कि सर्विसिंग स्किप करके कुछ पैसे बचा लें तो रुकिए। यह छोटा सा फैसला आपके AC और जेब पर भारी पड़ सकता है। नियमित सर्विसिंग इसे टिप-टॉप रखती है। ज्यादातर मैन्युफैक्चरर्स वारंटी के लिए सालाना सर्विसिंग की सलाह देते हैं ताकि AC की उम्र बढ़े।
सालाना AC सर्विसिंग क्यों जरूरी है? (AC Servicing Cost)
धूल और कचरा फिल्टर्स, कॉइल्स और इंटरनल पार्ट्स पर जम जाता है, जिससे एयरफ्लो और कूलिंग कमज़ोर पड़ती है। सालाना सफाई इसे फुल फॉर्म में लाती है। अच्छे से मेंटेन किया गया AC कम बिजली खाता है, जिससे बिल में फर्क दिखता है। सर्विसिंग बड़े कंपोनेंट्स के फेल होने से बचाती है और AC को ज्यादा सालों तक चलने देती है।
सालाना AC सर्विसिंग में क्या होता है? (AC Servicing Cost)
एक स्टैंडर्ड AC सर्विस में क्लीनिंग, इंस्पेक्शन, लुब्रिकेशन और परफॉरमेंस टेस्टिंग शामिल होती है। फिल्टर्स में जमा धूल और कचरे को हटाया जाता है या नए फिल्टर्स लगाए जाते हैं, जिससे एयरफ्लो और एयर क्वालिटी बेहतर होती है। टेक्नीशियन रेफ्रिजरेंट की सही मात्रा चेक करते हैं और लीक की जांच करते हैं। इवेपोरेटर और कंडेंसर कॉइल्स को साफ किया जाता है ताकि हीट एक्सचेंज बेहतर हो।
ताकि ब्लॉकेज या वॉटर लीक न हो (AC Servicing Cost)
कंडेंसेट ड्रेन लाइन को चेक और फ्लश किया जाता है ताकि ब्लॉकेज या वॉटर लीक न हो। कनेक्शन्स, कैपेसिटर्स और स्विचेस की जांच होती है। थर्मोस्टेट की सेटिंग्स और फंक्शन्स की सटीकता चेक की जाती है। मोटर और ब्लेड्स को चेक और लुब्रिकेट किया जाता है। परफॉरमेंस टेस्ट से कूलिंग एफिशिएंसी और एयरफ्लो को मापा जाता है ताकि सिस्टम ठीक काम कर रहा हो।
हर साल AC सर्विसिंग के फायदे (AC Servicing Cost)
साफ कंपोनेंट्स और सही रेफ्रिजरेंट लेवल बिजली की खपत कम करते हैं। छोटी दिक्कतों को पहले पकड़ने से बड़े खर्चे बचते हैं। रेगुलर मेंटेनेंस सिस्टम पर स्ट्रेस कम करता है। एकसमान कूलिंग और टेम्परेचर कंट्रोल मिलता है। कुछ मैन्युफैक्चरर्स की वारंटी के लिए रेगुलर सर्विसिंग जरूरी होती है। इलेक्ट्रिकल चेक्स और पार्ट्स की जांच से आग या गैस लीक का खतरा कम होता है।
सर्विसिंग न कराने से कई दिक्कतें (AC Servicing Cost)
गंदे फिल्टर्स और कॉइल्स AC को ज़्यादा मेहनत करने पर मजबूर करते हैं, जिससे बिजली ज्यादा खर्च होती है। कम एफिशिएंसी का सीधा असर बिल पर पड़ता है। छोटी-मोटी दिक्कतें बड़ी खराबी बन सकती हैं, जिससे सिस्टम बंद हो सकता है। जमा हुए प्रदूषक और एलर्जन्स हवा में फैलते हैं, जो सांस की सेहत के लिए खराब है। अचानक खराबी से ज़्यादा खर्चीली सर्विसिंग करानी पड़ सकती है।
सालाना AC सर्विसिंग की लागत (AC Servicing Cost)
AC सर्विसिंग की लागत सिस्टम टाइप, सर्विस प्रोवाइडर और लोकेशन के हिसाब से अलग-अलग होती है। औसतन: रेजिडेंशियल विंडो/स्प्लिट AC: ₹500 से ₹1,500 (लगभग) जबकि सेंट्रल AC सिस्टम्स: ₹2,000 से ₹5,000 (लगभग), वहीं AMC (एनुअल मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट्स): मल्टीपल विज़िट्स और इमरजेंसी सर्विसिंग वाले पैकेज ज़्यादा महंगे हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय में वैल्यू देते हैं।


