नई दिल्ली, 16 जनवरी (khabarwala24)। राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को तीसरे अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का रंगारंग आयोजन हुआ, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिरकत की और मकर संक्रांति को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सशक्त उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता के बीच गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।
इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में नागरिक, अधिकारी और अतिथि इस उत्सव का हिस्सा बने।
अपने संबोधन में अमित शाह ने देशवासियों, खासकर किसानों को मकर संक्रांति और देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाए जाने वाले अन्य फसल पर्वों की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा, “मैं देशवासियों, विशेष रूप से हमारे किसानों को मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू और उत्तरायण की बधाई देता हूं। उत्तरायण देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण पर्व है, क्योंकि हम सभी सूर्य भगवान पर बहुत अधिक निर्भर हैं।”
उन्होंने पर्व के महत्व को समझाते हुए कहा कि मकर संक्रांति उस दिन मनाई जाती है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। देश के कई हिस्सों में इस दिन को ‘खिचड़ी उत्सव’ के नाम से भी जाना जाता है। यह मूल रूप से किसानों का त्योहार है। इसी दिन से किसान अपना नया साल शुरू करते हैं और नए कृषि चक्र की शुरुआत होती है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने इस भव्य आयोजन के लिए दिल्ली सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की सराहना की।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का यह तीसरा संस्करण एक शानदार पहल है, जिसे आगे और विस्तार देने की जरूरत है।
अमित शाह ने कहा, “जो शुरुआत की गई है, उसे इस तरह आगे बढ़ाया जाना चाहिए कि यह आम जनता के लिए और अधिक सुलभ बने। यह महोत्सव देशभर के लोगों को दिल्ली से जोड़ने की क्षमता रखता है और भविष्य में यह एक राष्ट्रीय उत्सव बन सकता है।”
उन्होंने सुझाव दिया कि एक समर्पित समिति बनाई जाए, जो इस महोत्सव को और भव्य बनाने, जनता की भागीदारी बढ़ाने और इसे एक बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में विकसित करने का काम करे। दिल्ली का पतंग महोत्सव पूरे देश के पतंग महोत्सवों का केंद्र बनना चाहिए।
‘बांसेरा’ पार्क का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह जगह इस बात का उदाहरण है कि मजबूत संकल्प कैसे एक सोच को हकीकत में बदल सकता है।
उन्होंने कहा, “बांसेरा इस बात का उदाहरण है कि कैसे पक्का इरादा एक आइडिया को एक खूबसूरत, असल जगह में बदल सकता है। आज यह दिल्ली के लोगों के लिए एक बहुत ही आकर्षक जगह बन गई है। दिल्ली सरकार ने लोगों को आकर्षित करने और इस प्राकृतिक जगह का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए सही इंतजाम किए हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि महोत्सव स्थल पर पतंगों के इतिहास को दर्शाने वाला एक थीम आधारित पवेलियन बनाया गया है, जिसमें युद्ध के समय पतंगों की भूमिका को भी दिखाया गया है।
महान संस्कृत कवि कालिदास का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि भारत हमेशा से पर्वों का देश रहा है और यहां हर मौसम में उत्सव मनाए जाते हैं।
उन्होंने कहा, “भारत त्योहारों की भूमि है। आज डीडीए ने तीसरा अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव आयोजित किया है और आने वाले वर्षों में इसे और भव्य बनाने की जरूरत है।”
उन्होंने पतंगों के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। गृह मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के दौर को याद करते हुए कहा, “साइमन कमीशन आंदोलन के दौरान पूरे देश ने ब्रिटिश शासन का विरोध किया था। उत्तरायण के दिन लोगों ने ‘गो बैक साइमन’ का संदेश लिखी पतंगों से आसमान भर दिया था। यह हमारी एकता और ताकत का प्रतीक था। उस समय पतंगों ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।”
अमित शाह ने कहा कि मकर संक्रांति, जो पंजाब में लोहड़ी, असम में माघ बिहू, गुजरात में उत्तरायण और बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में मकर संक्रांति के नाम से मनाई जाती है, वास्तव में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत करती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पतंग महोत्सव न केवल देशभर में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय होगा और दुनियाभर से लोग इसे देखने दिल्ली आएंगे।
इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह आयोजन लोगों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से गहराई से जोड़ता है।
उन्होंने कहा, “हालांकि इस रूप में पतंग महोत्सव दिल्ली के लिए नया है, लेकिन शहर का हर बच्चा गलियों, छतों और छज्जों से पतंग उड़ाते हुए बड़ा हुआ है। यह महोत्सव उन यादों को फिर से जीवंत करता है। मैं इस आयोजन के लिए दिल से बधाई और शुभकामनाएं देती हूं।”
वहीं उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा, “पतंग उड़ाना भारत की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक है और एक अनोखी कला भी है, जो मौसम और त्योहारों से जुड़ी हुई है। यह महोत्सव सूर्य के उत्तरायण का प्रतीक है और हमारे देश में सूर्य सबसे पहले पूर्वी क्षेत्रों में उदय होता है।”
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


