CLOSE

Ayodhya Ram Mandir Construction राम मंदिर को मिला इंटरनेशनल अवार्ड, मंदिर में अपनाई गई ये सेफ्टी टेक्नोलॉजी

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

Khabarwala 24 News New Delhi : Ayodhya Ram Mandir Construction अयोध्या में राम मंदिर को सेफ्टी के मामले में इंटरनेशनल अवार्ड मिला है। यह अवार्ड कंस्ट्रक्शन के दौरान हाई सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को अपनाने के लिए दिए जाने वाले सबसे बड़े सम्मानों में से एक है।

ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल (BSC) ने मंदिर निर्माण में अपनाए गए सेफ्टी प्रोटोकॉल्स को देखते हुए इसे प्रतिष्ठित ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ अवार्ड से सम्मानित किया है। मंदिर के निर्माण में लगी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने सेफ्टी के मामले में जबरदस्त सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को फॉलो किया है।

मंदिर को नमी से बचाने में मदद (Ayodhya Ram Mandir Construction)

मंदिर की नींव को बेहद मजबूत बनाने के लिए कई परतों का इस्तेमाल किया गया है। इनमें से 50 से ज्यादा परतें फ्लाई ऐश, धूल और केमिकल से बनी हैं। नींव को मजबूत करने के लिए ग्रेनाइट के 21 फुट मोटे चबूतरे की एक मोटी परत भी बिछाई गई है। इससे मंदिर को नमी से बचाने में मदद मिलेगी।

- Advertisement -

लोहे के बिना हुआ कंस्ट्रक्शन (Ayodhya Ram Mandir Construction)

लोहे के इस्तेमाल से बचने और सीमेंट के इस्तेमाल को कम करने के लिए एक इनोवेटिव कंस्ट्रक्शन अप्रोच को अपनाया गया. पत्थरों को आपस में जोड़ा गया है।तांबे के क्लैंप और पिन असेंबली को और मजबूत बनाते हैं, जिससे लोहे या सीमेंट पर निर्भर रहे बिना टिकाऊ और आपस में जुड़ा हुआ ढांचा तैयार होता है।

1000 साल से ज्यादा सेफ मंदिर (Ayodhya Ram Mandir Construction)

इस तरीके से राम मंदिर का आर्किटेक्चर न केवल मजबूत और टिकाऊ है, बल्कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से बचने के भी काबिल है। दावा किया जाता है कि यह मंदिर 1,000 साल से भी ज्यादा समय तक टिका रहेगा।

टेक्नोलॉजी का किया इस्तेमाल (Ayodhya Ram Mandir Construction)

मंदिर के निर्माण में इंजीनियर्स ने कई तरह की मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है, जैसे- अल्ट्रासोनिक और इंफ्रारेड थर्मोग्राफी. इन तकनीकों की मदद से मंदिर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की गई है और यह सुनिश्चित किया गया है कि मंदिर निर्माण में कोई खामी न रह जाए।

- Advertisement -

पहला BIM टेक्नोलॉजी से लैस (Ayodhya Ram Mandir Construction)

राम मंदिर दुनिया का पहला ऐसा मंदिर है जिसके निर्माण से पहले ही 3D स्ट्रक्चरल एनालिसिस किया गया था। BIM (बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग) टेक्नोलॉजी से परंपरा और इनोवेशन को लाने में मदद मिली है। इस टेक्नोलॉजी के जरिए आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स और बिल्डर्स एक साथ मिलकर काम करते हैं।

प्रोटेक्शन शील्ड बनाई गई (Ayodhya Ram Mandir Construction)

इससे कंस्ट्रक्शन के दौरान बेहतर कम्युनिकेशन बना और देरी से बचने में मदद मिली। BIM टेक्नोलॉजी से संभावित खतरों का पहचाना गया, जिससे कंस्ट्रक्शन साइट पर उचित सेफ्टी प्रोटोकॉल्स की एक प्रोटेक्शन शील्ड बनाई गई।

भारत के लिए गौरव का विषय (Ayodhya Ram Mandir Construction)

राम मंदिर को मिलने वाला यह पुरस्कार भारत के लिए गौरव का विषय है। यह दिखाता है कि भारत में भी वर्ल्ड लेवल की इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के साथ कंस्ट्रक्शन हो सकता है। ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ अवार्ड इस बात का सबूत है कि हम सेफ्टी के मामले में दुनिया के दूसरे देशों से कम नहीं हैं।

- Advertisement -
spot_img
Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-