चीन का साझा प्रगति का संदेश

बीजिंग, 30 अगस्त (khabarwala24)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लेकर चीन ने एक बार फिर वैश्विक सहयोग और साझा प्रगति पर जोर दिया है। चीन का कहना है कि एआई केवल तकनीकी प्रतिस्पर्धा का क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह मानवता की भलाई और वैश्विक विकास के लिए साझा अवसर प्रदान करता है।अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर चीन लगातार […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

बीजिंग, 30 अगस्त (khabarwala24)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लेकर चीन ने एक बार फिर वैश्विक सहयोग और साझा प्रगति पर जोर दिया है। चीन का कहना है कि एआई केवल तकनीकी प्रतिस्पर्धा का क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह मानवता की भलाई और वैश्विक विकास के लिए साझा अवसर प्रदान करता है।

अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर चीन लगातार यह संदेश देता आया है कि एआई का उपयोग जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास जैसे प्रमुख मुद्दों से निपटने के लिए होना चाहिए। चीन का मानना है कि एआई अनुसंधान और विकास में संयुक्त योगदान से दुनिया भर के देशों को समान रूप से लाभ मिल सकता है।

- Advertisement -

चीन ने हाल के वर्षों में एआई अनुसंधान और नवाचार में भारी निवेश किया है और विदेशी विश्वविद्यालयों, संस्थानों और कंपनियों के साथ सहयोग की नीति अपनाई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे वैश्विक स्तर पर तकनीकी साझेदारी को नई दिशा मिल सकती है।

साथ ही, चीन एआई नैतिकता और नियमन पर भी विशेष जोर देता है। उसका तर्क है कि निजता की सुरक्षा, गलत सूचनाओं की रोकथाम और रोजगार पर एआई के प्रभाव जैसे मुद्दों के लिए साझा अंतर्राष्ट्रीय मानक आवश्यक हैं।

- Advertisement -

भारतीय विशेषज्ञ भी चीन के इस दृष्टिकोण को महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका मानना है कि, “एआई किसी एक देश या क्षेत्र की सीमा में नहीं बंधा है। भारत और चीन जैसे बड़े देशों के बीच सहयोग से एशिया को वैश्विक एआई विकास का केंद्र बनाया जा सकता है।”

“भारत के पास एआई टैलेंट और सॉफ्टवेयर क्षमताएं हैं, जबकि चीन के पास हार्डवेयर और बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग का अनुभव है। यदि दोनों देश मिलकर काम करें, तो यह सहयोग न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एआई की दिशा तय कर सकता है।”

विश्लेषकों का मानना है कि चीन का दृष्टिकोण इस विचार को मजबूत करता है कि एआई किसी एक देश की संपत्ति नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारी का साधन है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

एबीएम/

Source : IANS

डिस्क्लेमर: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में Khabarwala24.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर Khabarwala24.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News