लखनऊ, 22 नवंबर (khabarwala24)। लखनऊ में सपा सरकार में बना गोमती रिवर फ्रंट एक बार फिर चर्चा में है। खास बात यह है कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और सपा में टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। वहीं, भाजपा ने इस मुद्दे पर सपा को घेरा है।
दरअसल, हाल में कांग्रेस पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में यूपी सरकार में मुख्य सचिव रह चुके दीपक सिंघल का जिक्र किया है। कांग्रेस ने सिंघल पर 1500 करोड़ रुपए के गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का आरोप लगाया। कांग्रेस ने यह पोस्ट राहुल गांधी को लेकर 272 जजों द्वारा लिखे पत्र के बाद किया, जिसमें कांग्रेस सांसद पर चुनाव आयोग की छवि खराब करने का आरोप है। बहरहाल, गोमती रिवर फ्रंट को लेकर कांग्रेस और सपा तो आमने-सामने आते दिख रहे हैं। वहीं, भाजपा ने गोमती रिवर फ्रंट को लेकर सपा पर निशाना साधा है।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद दिनेश शर्मा ने गोमती रिवर फ्रंट से जुड़े सवाल पर कहा कि यह ऐसी चीज है जो जांच के दायरे में आती है; कोई टिप्पणी नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करता है। अच्छा काम हो, जनहित में काम हो, यह ज्यादा जरूरी है।
वहीं, यूपी सरकार के मंत्री दया शंकर सिंह ने कहा कि रिवर फ्रंट का जितना प्रोजेक्ट था, उससे कई गुना ज्यादा उसका बजट बन गया। इस तरह से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। जहां तक कांग्रेस और सपा की बात है, ये कभी साथ रहते हैं, कभी साथ रहकर विरोध करते हैं, क्योंकि इन लोगों का कोई सैद्धांतिक समझौता नहीं है। ये केवल स्वार्थ का गठबंधन करते हैं। स्वार्थ पूरा नहीं होता है तो एक दूसरे के खिलाफ बोलते हैं।
इस मामले को लेकर जब सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा से सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि गोमती नदी में रिवर फ्रंट सपा की सरकार में बना था। गोमती नदी बहुत गंदी थी। उसको साफ किया गया और रिवर फ्रंट बनाया गया।
सपा नेता ने कहा कि यहां लोग घूमने आते थे। भाजपा के लोगों ने इसमें घोटाले का आरोप लगाया, लेकिन 9 साल तक चली जांच में भी कुछ साबित नहीं हुआ। भाजपा झूठ बोलने का काम करती है। रिवर फ्रंट में कोई घोटाला नहीं हुआ था।
कांग्रेस के इमरान मसूद ने कहा कि अखिलेश पहले यूपी का नेतृत्व कर लें, उनका राहुल गांधी से कोई मुकाबला नहीं है। इस सवाल पर सपा नेता ने कहा कि सपा उत्तर प्रदेश को लीड कर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है। सपा ही भाजपा का विकल्प है। 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनेगी। हम यह चाहते हैं कि अखिलेश यादव महागठबंधन का नेतृत्व करें।
बिहार में महागठबंधन ने सपा को एक भी सीट नहीं दी। बावजूद इसके अखिलेश यादव ने बिहार में 26 जनसभाएं की और 20 स्टार प्रचार दिए। बिना एक भी सीट पर चुनाव लड़े हुए समाजवादी पार्टी ने इंडिया गठबंधन के प्रचार में अपनी पूरी ताकत लगा दी। इंडिया गठबंधन का नेता ऐसा हो जो सबको एक साथ लेकर चले।
Source : IANS
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