आरबीआई ने मुद्रास्फीति के अनुमान को पहले के 2.6 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया

मुंबई, 5 दिसंबर (khabarwala24)। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने शुक्रवार को जीएसटी रेट कटौती और खाद्य कीमतों में तेज गिरावट के मध्यनजर चालू वित्त वर्ष के लिए देश के मुद्रास्फीति दर के अनुमान को पहले के 2.6 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है।आरबीआई गवर्नर ने कहा, “हेडलाइन मुद्रास्फीति में महत्वपूर्ण गिरावट […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

मुंबई, 5 दिसंबर (khabarwala24)। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने शुक्रवार को जीएसटी रेट कटौती और खाद्य कीमतों में तेज गिरावट के मध्यनजर चालू वित्त वर्ष के लिए देश के मुद्रास्फीति दर के अनुमान को पहले के 2.6 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा, “हेडलाइन मुद्रास्फीति में महत्वपूर्ण गिरावट आई है और इसके पिछले अनुमानों से भी नरम रहने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण खाद्य कीमतों का सौम्य रहना है। इन अनुकूल परिस्थितियों के मध्यनजर 2025-26 और 2026-27 की पहली तिमाही में एवरेज मुद्रास्फीति के अनुमानों को कम कर दिया गया है।”

- Advertisement -

उन्होंने कहा कि कीमती धातुओं की कीमतों पर लगातार दबाव के बावजूद, कोर मुद्रास्फीति (फूड और फ्यूल की कीमतों को हटाकर) सितंबर-अक्टूबर में काफी हद तक नियंत्रित रहीं। सोने को हटाकर, कोर मुद्रास्फीति अक्टूबर में 2.6 प्रतिशत रही।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि उच्च खरीफ उत्पादन, रबी की अच्छी बुवाई, पर्याप्त जलाशय स्तर और अनुकूल मिट्टी की नमी के कारण फूड सप्लाई की संभावनाओं में सुधार हुआ है। कुछ मेटल को छोड़कर, अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी कीमतों में आगे चलकर नरमी आने की संभावना है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा, “कुल मिलाकर, खाद्य कीमतों में गिरावट के कारण मुद्रास्फीति अक्टूबर के पिछले अनुमान से कम रहने की संभावना है। इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, 2025-26 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति अब 2.0 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 0.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही 2.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसी तरह वित्त वर्ष 27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति क्रमशः 3.9 प्रतिशत और 4.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है।”

- Advertisement -

उन्होंने बताया कि कोर मुद्रास्फीति 2024-25 की पहली तिमाही से लगातार बढ़ रही थी और 2025-26 की दूसरी तिमाही में मामूली रूप से कम हुई और आगे भी स्थिर रहने की उम्मीद है। 2026-27 की पहली छमाही के दौरान हेडलाइन और कोर मुद्रास्फीति, दोनों के 4 प्रतिशत के लक्ष्य पर या उससे कम रहने की उम्मीद है।

आरबीआई गवर्नर के अनुसार, ग्रोथ-इंफ्लेशन बैलेंस, विशेष रूप से हेडलाइन और कोर मुद्रास्फीति को लेकर सौम्य आउटलुक विकास की गति को सपोर्ट देने के लिए पॉलिसी स्पेस प्रदान करता है। इसलिए एमपीसी ने सर्वसम्मति से पॉलिसी रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट से घटाकर 5.25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया।

Source : IANS

डिस्क्लेमर: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में Khabarwala24.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर Khabarwala24.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News