Khabarwala 24 News New Delhi : Apple Ber Farming पश्चिम बंगाल में सर्दियां आते ही कई किसान एप्पल बेर की खेती शुरू कर देते हैं। तुफानगंज जिले के महाकुमार देओचाई इलाके के एक किसान सुजीत बिस्वास एप्पल बेर की खेती कर रहे हैं। उन्हें इस खास खेती से काफी मुनाफा हो रहा है इसलिए वह दूसरे किसानों को भी इस खेती का फायदा उठाने की सलाह दे रहे हैं तो चलिए उनसे एप्पल बेर की खेती के बारे में जानते हैं…
खेती की तैयारी में मुख्य चुनौती (Apple Ber Farming)
सुजीत बिस्वास ने बताया कि एप्पल बेर की खेती में असली चुनौती जमीन तैयार करना और पौधों को लगाना है, लेकिन एक बार पौधा लगने के बाद यह पेड़ 7 से 8 साल तक अच्छी फसल देता है।
कम खर्च में ज्यादा मुनाफा भी (Apple Ber Farming)
सुजीत बिस्वास ने कहा, एप्पल बेर की खेती में ज्यादा समय नहीं लगता। इसके अलावा, यह पेड़ एक बार तैयार हो जाने के बाद लंबे समय तक मुनाफा देता है। किसानों के लिए यह खेती कम खर्च में बड़ा फायदा देने वाली है। हालांकि, इस खेती में सिर्फ एक ही बीमारी की समस्या आती है।”
बीमारी से बचाव और समाधान (Apple Ber Farming)
सुजीत बिस्वास के मुताबिक, “इस पेड़ में एक बीमारी होती है, जिसे ‘एप्पल क्राउन कॉलैप्स डिजीज’ कहा जाता है। इस बीमारी में कीट के हमले के कारण पेड़ के पत्ते काले पड़कर मुड़ जाते हैं, लेकिन सही समय पर सही दवा का इस्तेमाल किया जाए तो 3-4 दिन में यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है।
3 बार दवा का छिड़काव जरूरी (Apple Ber Farming)
इसके लिए महीने में 2 से 3 बार दवा का छिड़काव करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि खेती शुरू करने से पहले किसानों को कृषि विभाग से सलाह जरूर लेनी चाहिए क्योंकि बिना उचित जानकारी के खेती में बाद में मुश्किलें आ सकती हैं।
एप्पल बेर की अहम खासियत (Apple Ber Farming)
बता दें कि एप्पल बेर की खास बात यह है कि यह कच्चे में भी काफी मीठा होता है। यही वजह है कि लोग इसे खाना ज्यादा पसंद करते हैं। इसके चलते बाजार में इसकी डिमांड भी बहुत ज्यादा है। गौरतलब है कि अगर सही तरीके से एप्पल बेर की खेती की जाए तो इससे जबरदस्त मुनाफा कमाया जा सकता है।


