Khabarwala 24 News New Delhi : Somnath Temple हिन्दू धर्म में कल्याण के देवता माने जाने वाले भगवान शंकर के तमाम शिव मंदिरों में 12 ज्योतिर्लिंग का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व है। इन सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला स्थान गुजरात के द्वारका में स्थित सोमनाथ मंदिर का आता है। देवों के देव महादेव से जुड़े इस ज्योतिर्लिंग के बारे में मान्यता है कि इसकी स्थापना और सबसे पहले पूजा चंद्र देव ने अपने श्राप से मुक्ति पाने के लिए की थी। शिव की पूजा के लिए सबसे उत्तम और शीघ्र फलदायी माने जाने वाली सावन शिवरात्रि का बहुत महत्व होता है।
शिखर पर 10 टन का भारी कलश (Somnath Temple)
गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र में समुद्र के किनारे स्थित लगभग 155 फीट ऊंचाई वाले सोमनाथ मंदिर के बारे में मान्यता है कि यह हर काल में यहीं पर मौजूद रहता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस मंदिर को पहली बार चंद्र देवता ने बनवाया था। जिसे बाद में मुस्लिम आक्रांताओं ने 6 बार तोड़ा था। अंतिम बार इस भव्य मंदिर को सरदार बल्लभ भाई पटेल ने बनवाया था। इस मंदिर के शिखर पर 10 टन का भारी कलश सुशोभित है।
पौराणिक कथा के अनुसार महत्व (Somnath Temple)
पौराणिक कथा के अनुसार एक बार चंद्र देवता से उनके श्वसुर राजा दक्ष किसी बात को लेकर नाराज हो गए और उन्हें श्राप दे दिया कि उनका प्रकाश दिन-प्रतिदिन क्षीण होता चला जाएगा। इसके बाद सरस्वती नदी के मुहाने पर अरब सागर में स्नान करके महादेव के इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना की और पूजन किया। प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें श्राप से मुक्ति का वरदान प्रदान किया। चंद्रमा का नाम सोम भी है और चंद्रमा ने यहां पर अपने नाथ की पूजा की थी।
पूजा करने से मिलते हैं ये फायदे (Somnath Temple)
जिन लोगों को हमेशा कोई न कोई मानसिक चिंता या तनाव घेरे रहता है या फिर कहें डिप्रेशन की समस्या हो, उन्हें इस महाशिवरात्रि पर देवों के देव महादेव के पहले ज्योतिर्लिंग यानि सोमनाथ शिवलिंग की पूजा अवश्य करनी चाहिए। सोमनाथ शिवलिंग की साधना को हमेशा सफेद वस्त्र धारण करके करना चाहिए। साथ ही साथ सफेद मिठाई का भोग लगाना चाहिए। सोमनाथ शिवलिंग की पूजा का न सिर्फ धार्मिक बल्कि ज्योतिषीय महत्व भी है।
आंखों से जुड़े कष्ट और रोग दूर (Somnath Temple)
ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा नीच राशि में अथवा अस्त होकर कष्टों का कारण बन रहा हो, उन्हें चंद्र दोष दूर करने के लिए सावन शिवरात्रि के प्रदोष काल में सफेद वस्त्र पहन करसोमनाथ शिवलिंग की साधना करनी चाहिए। सोमनाथ शिवलिंग को लेकर मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ इस पावन ज्योतिर्लिंग की विधि-विधान से पूजा करता है, उसकी आंखों से जुड़े कष्ट और रोग दूर होते हैं।


