पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय था मनोज भाटी

खबरवाला 24 न्यूज हापुड़: कोतवाली क्षेत्र में रविवार की दोपहर  पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ मनोज भाटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय था। पुलिस को देखते ही वह सीधे फायिरंग कर देता था। कई जिलों की पुलिस और एसटीएफ को उसकी तलाश थी। बताया गया कि करीब तीन साल पहले मनोज भाटी और एसटीएफ […]

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खबरवाला 24 न्यूज हापुड़: कोतवाली क्षेत्र में रविवार की दोपहर  पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ मनोज भाटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय था। पुलिस को देखते ही वह सीधे फायिरंग कर देता था। कई जिलों की पुलिस और एसटीएफ को उसकी तलाश थी।

बताया गया कि करीब तीन साल पहले मनोज भाटी और एसटीएफ (यूपी) के बीच ग्रेटर नोएडा में मुठभेड़ हो गई थी। उसने एक कांस्टेबिल को गोली लगी थी। करीब दो साल तक जेल में रहने के बाद वह जमानत मिलने पर रिहा हो गया था। जेल से छूटने के बाद उसने हापुड़ में कचहरी के बाहर हरियाणा के हिस्ट्रीशिटर लखन की दिनदहाड़े गोली से भूनकर हत्या कर दी थी। तभी से वह पुलिस की हिट लिस्ट में था। लखनऊ मुख्यालय पर बैठे पुलिस के आला अफसर भी यहां हुए कचहरी हत्याकांड को लेकर समय समय पर जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे। इसलिए उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया।

आठ माह बाद हापुड़ पुलिस को मिली सफलता

कचहरी हत्याकांड के बाद हापुड़ पुलिस पिछले करीब आठ माह से मनोज भाटी की तलाश में लगी थी। पुलिस की टीम उससे संबंंधित इनपुट मिलते ही तुरंत तलाश में जुट जाती थी। आखिरकार आठ माह बाद पुलिस को सफलता मिली है। कचहरी हत्याकांड में एक अन्य बदमाश शिवम अभी भी फरार है। जिसकी भी पुलिस तलाश कर रही है।

दूसरे गैंग के लिए करता था काम

गौतमबुद्धनगर के नगला नैनसुख निवासी मनोज भाटी पिछले करीब एक दशक से जायराम की दुनिया में सक्रिय था। उस पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हत्या, लूट, रंगदारी समेत अनेक संगीन धाराओं में 35 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि वह रणदीप भाटी, सुंदर भाटी गैंग के लिए भी अपराध करता था।

पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास में मारा गया

हापुड़ पुलिस ने मनोज भाटी को उसके साथी अंकित के साथ गिरफ्तार किया था। कचहरी हत्याकांड में प्रयुक्त पिस्टल की बरामदगी के लिए पुलिस उसे ले गई थी। लेकिन पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास में उसने एक हैंडकांस्टेबिल से पिस्टल छीन ली और फायरिंग कर दी। लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की। सिर में गोली लगने से वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने उसे मृृृत घोषित कर दिया।

घायल इंस्पेक्टर के देखने पहुंचे एसपी

पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए एसओजी के इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया है। एसपी अभिषेक वर्मा, एएसपी मुकेश चंद्र मिश्र सीएचसी पहुंचे और घायल इंस्पेक्टर के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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